गोरखपुर के अधिवक्ताओं ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मां पर कथित अभद्र टिप्पणी करने वाले मौलाना की गिरफ्तारी के बाद खुशी जताई। अधिवक्ताओं ने कहा कि यह कार्रवाई समय पर हुई है और इससे लोगों का कानून पर भरोसा और मजबूत हुआ है। इस मामले को लेकर कैंट थाने में अधिवक्ताओं ने सबसे पहले तहरीर दी थी। अधिवक्ताओं ने साफ कहा था कि इस तरह की टिप्पणी समाज के लिए ठीक नहीं है और इससे लोगों के बीच तनाव बढ़ सकता है। अधिवक्ताओं ने प्रशासन से मांग की थी कि आरोपी के खिलाफ जल्दी और सख्त कार्रवाई की जाए।
प्रदेशभर में उठी थी आवाज इस मामले को लेकर सिर्फ गोरखपुर ही नहीं, बल्कि पूरे प्रदेश में लोगों ने विरोध जताया था। कई जगहों पर लोगों ने थानों में जाकर तहरीर दी और कार्रवाई की मांग की। गोरखपुर में भी अधिवक्ताओं और अन्य लोगों ने इस मुद्दे को गंभीरता से उठाया, जिससे मामला लगातार चर्चा में बना रहा। जैसे ही मौलाना की गिरफ्तारी की खबर सामने आई, गोरखपुर में अधिवक्ताओं ने एक-दूसरे को मिठाइयां खिलाकर खुशी जताई। उन्होंने कहा कि यह कदम सही दिशा में उठाया गया है और इससे गलत बयान देने वालों को चेतावनी मिली है।
अधिवक्ताओं ने कहा- गलत बयान देना ठीक नहीं अधिवक्ताओं ने कहा कि किसी भी व्यक्ति, परिवार या धर्म के खिलाफ गलत और अपमानजनक बात नहीं करनी चाहिए। इससे समाज में विवाद पैदा होता है। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में कानून को सख्ती से काम करना चाहिए, ताकि भविष्य में कोई इस तरह की गलती न करे। अधिवक्ताओं ने लोगों से अपील की कि सभी को आपसी सम्मान बनाए रखना चाहिए। उन्होंने कहा कि समाज में शांति तभी बनी रहेगी, जब लोग सोच-समझकर बोलेंगे और किसी की भावनाओं को ठेस नहीं पहुंचाएंगे। अधिवक्ताओं ने प्रशासन से उम्मीद जताई कि आगे भी इस तरह के मामलों में तुरंत कार्रवाई की जाएगी। उनका कहना है कि जब कानून तेजी से काम करता है, तो लोगों में भरोसा बढ़ता है और समाज में व्यवस्था बनी रहती है।

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