जालौन में घने कोहरे और शीतलहर ने सामान्य जनजीवन को प्रभावित किया है। बीते कई दिनों से लगातार पड़ रहे कोहरे के कारण सड़कों पर वाहनों की गति धीमी हो गई है, वहीं रेल यातायात पर भी इसका व्यापक असर देखा जा रहा है। कम दृश्यता के कारण वाहन चालक हेडलाइट जलाकर धीमी गति से चलने को मजबूर हैं, जिससे दुर्घटनाओं की आशंका बढ़ गई है। घने कोहरे का सर्वाधिक असर उरई रेलवे स्टेशन से गुजरने वाली ट्रेनों पर पड़ा है। जानकारी के अनुसार, आधा दर्जन से अधिक ट्रेनें अपने निर्धारित समय से देरी से चल रही हैं। ये ट्रेनें 15 मिनट से लेकर 14 घंटे से भी अधिक विलंब से पहुंच रही हैं, जिससे यात्रियों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। स्टेशन पर यात्रियों की भीड़ देखी गई, जो ठंड में घंटों अपनी ट्रेनों का इंतजार करते रहे। रेलवे द्वारा जारी जानकारी के अनुसार, 22534 गोरखपुर सुपरफास्ट एक्सप्रेस लगभग 15 मिनट की देरी से चल रही है। 12944 उद्योगकर्मी सुपरफास्ट एक्सप्रेस भी 15 मिनट विलंब से पहुंची। 20104 मुंबई एलटीटी सुपरफास्ट एक्सप्रेस करीब 1 घंटा 55 मिनट की देरी से संचालित हो रही है। वहीं, 11079 गोरखपुर एक्सप्रेस 21 मिनट और 22584 छपरा अंत्योदय सुपरफास्ट एक्सप्रेस 13 मिनट की देरी से चल रही है। काशी महाकाल सुपरफास्ट एक्सप्रेस सबसे अधिक प्रभावित रही, जो अपने तय समय से लगभग 14 घंटे 37 मिनट की देरी से चल रही है। इसके अतिरिक्त, 12511 तिरुवंतपुरम–नॉर्थ राप्ती सागर सुपरफास्ट एक्सप्रेस 34 मिनट और 22468 वाराणसी वीकली सुपरफास्ट एक्सप्रेस 29 मिनट विलंब से संचालित हो रही है। मौसम में अचानक आए बदलाव से तापमान में भी भारी गिरावट दर्ज की गई है। न्यूनतम तापमान गिरकर 8 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है। कड़ाके की ठंड और शीतलहर के चलते लोग अलाव और गर्म कपड़ों का सहारा ले रहे हैं। प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने, अनावश्यक यात्रा से बचने और ठंड से बचाव के उपाय अपनाने की अपील की है।
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