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हाईटेक नर्सरी में 75,000 से अधिक पौध तैयार:कानपुर देहात में किसानों को मिलेंगी गर्मी की उन्नत सब्जियां, बढ़ेगी आय

जनपद में किसानों की आय बढ़ाने के उद्देश्य से स्थापित हाईटेक नर्सरी एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में सामने आई है। हाल ही में, जिला उद्यान अधिकारी डॉ. बल्देव प्रसाद ने विकास खंड मलासा के ग्राम डीग स्थित चंद्रशेखर आजाद कृषि विश्वविद्यालय, कानपुर परिसर में स्थापित इस नर्सरी का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान बताया गया कि नर्सरी में कलश, वापना, वीएनआर और नामधारी जैसी प्रतिष्ठित कंपनियों के संकर बीजों की बुआई की जा रही है। यह कार्य कार्यदायी संस्था और उद्यान विभाग के तकनीकी सहयोग से माँ भगवती स्वयं सहायता समूह की महिलाओं द्वारा किया जा रहा है। यहां गर्मी की प्रमुख सब्जियां जैसे लौकी, तरोई, करेला, खीरा, कद्दू, खरबूज, तरबूज, मिर्च और टमाटर की पौध तैयार की जा रही है। डॉ. बल्देव प्रसाद ने जानकारी दी कि ये पौध 20 से 25 दिनों के भीतर बिक्री के लिए तैयार हो जाएंगी। इससे किसानों और आमजन को समय पर उन्नत, स्वस्थ और रोगमुक्त पौध उपलब्ध हो सकेगी। उन्होंने किसानों से हाईटेक नर्सरी की पौध का उपयोग करने की अपील की, जिससे प्रति इकाई लागत में कमी आएगी और उनकी आय में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। वर्तमान में नर्सरी में लगभग 75,000 पौधों के लिए बुआई का कार्य पूरा हो चुका है। जनपद और निकटवर्ती जनपदों के किसानों से प्राप्त बीजों की बुआई अगले 10 दिनों में पूरी कर कुल 75,000 से अधिक पौध तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है। जिला उद्यान अधिकारी ने यह भी बताया कि एकीकृत बागवानी विकास मिशन के तहत शाकभाजी योजना के लाभार्थियों को हाईटेक नर्सरी में पौध तैयार करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त, उच्च गुणवत्ता वाली पौध के साथ प्लास्टिक मल्चिंग और घेरवार के लिए भी सहायता प्रदान की जाएगी, जिससे जनपद में उच्च मूल्य वाली सब्जियों की खेती को बढ़ावा मिलेगा। बागवानी फसलों के निर्यात को बढ़ावा देने के उद्देश्य से, उन्नत शाकभाजी खेती करने वाले किसानों से UPSHED योजना के अंतर्गत हार्टीनेट के माध्यम से APEDA की वेबसाइट पर पंजीकरण कराने का आग्रह किया गया है।


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