चकेरी में मामूली झगड़े के बाद युवक की गोली मारकर हत्या करने के मामले में एडीजे–प्रथम सपना त्रिपाठी की कोर्ट ने युवक को उम्रकैद की सजा सुनाई है। वहीं सबूतों के अभाव में एक अन्य आरोपी को बरी कर दिया गया। जनवरी 2007 में दोषी ने मारपीट के मामले में समझौता करने के लिए नेहुरा गांव में बुलाया गया था, जहां गोली मारकर युवक की हत्या कर दी गई थी। मामले में एक अन्य आरोपी की ट्रायल के दौरान मौत हो गई थी। 14 जनवरी 2007 को मारी थी गोली सुजातगंज निवासी शौकत अली ने चकेरी थाने में रिपोर्ट दर्ज कराते हुए बताया था कि 14 जनवरी 2007 की सुबह 10:30 बजे भाई मो. अली, भांजे रईस व भतीजे फैसल के साथ चकेरी निवासी मो. इसराइल, चमन व जाबिर उर्फ जावेद से मिलने नेहुरा गांव गया था। शौकत के मुताबिक उक्त लोगों का भाई मो. अली से झगड़ा हो गया था, जिस पर उन्होंने भाई के साथ मारपीट की थी। शिकायत करने पर चकेरी पुलिस ने तीनों के खिलाफ शांतिभंग में कार्रवाई की थी। उसी झगड़े के समझौते के लिए आरोपियों ने उसके भाई को बुलाया था। तीनों गांव में अफजाल पानवाले की गुमटी में पहुंचे ही थे, जहां पहले से मौजूद आरोपियों ने मो. अली पर 315 बोर के तमंचे से फायर झोंक दिया था। अली की मौके पर ही मौत हो गई थी। जिसके बाद आरोपी स्कूटर से श्याम नगर की ओर भाग निकले थे। पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। मामला एडीजे–प्रथम की कोर्ट में ट्रायल पर था। एडीजीसी प्रदीप कुमार साहू ने बताया कि अभियोजन की ओर से मामले में 11 गवाह कोर्ट में पेश किए गए थे। ट्रायल के दौरान जाबिर उर्फ जावेद की मौत हो गई थी, जबकि इसराइल व चमन के खिलाफ केस चल रहा था। एडीजीसी के मुताबिक सबूतों के अभाव में आरोपी चमन को कोर्ट ने बरी कर दिया, वहीं इसराइल को हत्या के आरोप में दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास व 25 हजार जुर्माने की सजा सुनाई है।

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