एटा-कासगंज रेलवे लाइन परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण के विरोध में किसानों ने प्रदर्शन शुरू कर दिया है। ऑल इंडिया किसान यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष कैलाश लोधी के नेतृत्व में सैकड़ों किसान और कार्यकर्ता श्योराई गांव में धरना दे रहे हैं। किसानों की मुख्य मांग है कि रेलवे लाइन के लिए अधिग्रहित की जा रही कृषि भूमि का मुआवजा उचित दरों पर दिया जाए। राष्ट्रीय अध्यक्ष कैलाश लोधी ने एक ज्ञापन के माध्यम से भूमि अधिग्रहण की दर तुरंत बढ़ाकर 4,50,000 रुपए प्रति बीघा करने की मांग की है। ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि जिला प्रशासन के कुछ अधिकारियों ने भूमि और अन्य संपत्तियों का मूल्यांकन मनमाने ढंग से किया है। किसानों के अनुसार, रेलवे अधिग्रहण क्षेत्र में समान कृषि भूमि की दर लगभग 2,80,000 रुपए प्रति बीघा तय की गई है, जबकि इसी क्षेत्र के अन्य गांवों में यह दर 3,80,000 रुपए से 5,40,000 रुपये प्रति बीघा तक है। इस मामले पर तहसीलदार नीरज वार्ष्णेय ने बताया कि उन्हें स्थिति की जानकारी है। उन्होंने कहा कि नायब तहसीलदार सहित कई प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंच गए हैं और किसानों से बातचीत कर समाधान निकालने का प्रयास किया जा रहा है।

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