प्रयागराज में मेवरिक्स थिएटर द्वारा आयोजित दो दिवसीय यूथ थियेटर फेस्टिवल का सफल समापन हो गया है। इस महोत्सव में युवा कलाकारों ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया, जिसमें सामाजिक सरोकारों और मानवीय संवेदनाओं पर आधारित दो नाटक प्रस्तुत किए गए। फेस्टिवल के पहले दिन विकास दुबे के निर्देशन में नाटक ‘एक्सीडेंटल डेथ ऑफ एन अनार्किस्ट’ का मंचन हुआ। दारियो फो द्वारा लिखित और अमिताभ श्रीवास्तव द्वारा हिंदी में रूपांतरित यह नाटक एक डार्क कॉमेडी सटायर है, जिसने वर्तमान सामाजिक और राजनीतिक मुद्दों पर तीखा व्यंग्य किया। इस नाटक में हर्ष राज, आयुष केसरवानी, हर्षित केसरवानी, रितिक श्रीवास्तव, लवकुश सरोज और वर्षा वर्मा ने अभिनय किया। शिखर चंद्रा ने संगीत संभाला, जबकि मोहम्मद आबिद, वर्षा सिंह, जागृति सिंह, ऋषि गुप्ता, हेमंत सिंह और अभिषेक दुबे ने मंच परे टीम में सहयोग दिया। लाइटिंग और संपूर्ण परिकल्पना का दायित्व निर्देशक विकास दुबे ने निभाया। दूसरे दिन मानव कौल द्वारा लिखित नाटक ‘बलि और शंभू’ प्रस्तुत किया गया। इस नाटक ने भावनाओं और हास्य का अनूठा संगम दिखाया, जिसमें वृद्धाश्रम में रह रहे दो बुजुर्गों के जीवन, उनकी यादों और भावनात्मक संघर्षों को संवेदनशील तरीके से दर्शाया गया। शिखर चंद्रा, ऋषि गुप्ता, मोहम्मद आबिद खान, लवकुश सरोज, जागृति सिंह और वर्षा सिंह ने इस नाटक में अभिनय किया। आयुष केसरवानी, हर्ष राज, हर्षित केसरवानी, रिक्ति श्रीवास्तव, वर्षा वर्मा, हेमंत सिंह और अभिषेक दुबे ने मंच परे टीम में सहयोग दिया। संगीत संचालन आयुष केसरवानी और लाइटिंग विकास दुबे द्वारा की गई। पूरे फेस्टिवल के दौरान युवा कलाकारों की ऊर्जा, समर्पण और रचनात्मकता स्पष्ट रूप से दिखी। दर्शकों ने दोनों नाटकों की सराहना की और आयोजकों के इस प्रयास को सराहा। यह आयोजन प्रयागराज के रंगमंच को नई दिशा देने और युवा प्रतिभाओं को मंच प्रदान करने में महत्वपूर्ण साबित हुआ है।

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