शहर में फैली गंदगियों को लेकर अक्सर सुर्खियों में रह रहे नगर निगम में बाल मजदूरी कराएं जाने का मामला सामने आया है। जिले के सोशल मीडिया पर सफाई के नाम पर कचरा उठाव करते नाबालिग का वीडियो ट्रेंड के बाद नगर निगम की निगरानी व्यवस्था और चयनित सफाई एजेंसी की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए है। शहर के मुख्य पथ स्थित बाटा शोरूम के समीप देर रात सफाई कार्य करते हुए नाबालिग युवक को कूड़ा उठाते और झाड़ू लगाते देखा गया। जिसका किसी व्यक्ति ने वीडियो बना लिया। यहां तक कि नाबालिग का साक्षात्कार भी ले लिया। जिसमें वो अपनी उम्र, घर और पिता के नाम को भी बता रहा है। नाबालिग ने बताया कि वह पिछले एक माह से विशाल नामक व्यक्ति के स्थान पर नगर निगम की सफाई एजेंसी के अंतर्गत काम कर रहा है। हैरानी की बात यह रही कि इतने समय से नाबालिग द्वारा किए जा रहे कार्य पर न तो निगम द्वारा प्रतिनियुक्त किसी सफाई निरीक्षक की नजर पड़ी और न ही किसी अन्य संबंधित पदाधिकारी ने इसे गंभीरता से लिया। शहर को स्वच्छ रखने के उद्देश्य से नगर निगम द्वारा दो शिफ्ट में आठ टीमों के माध्यम से सफाई कार्य कराया जा रहा है, लेकिन इसी दौरान बाल मजदूरी का गंभीर मामला सामने आया है। स्थानीय दुकानदार प्रकाश कुमार ने बताया कि रात के समय सफाई कार्य के दौरान अक्सर नाबालिगों को काम करते देखा जाता है। जानकारी के अनुसार, नगर निगम द्वारा पूरे शहर की सफाई का कार्य तीन एजेंसियों के माध्यम से कराया जाता है। इन एजेंसियों की निगरानी के लिए सफाई निरीक्षकों की प्रतिनियुक्ति की गई है। शहर के मुख्य पथों से लेकर बाजार और व्यावसायिक क्षेत्रों तक झाड़ू लगाने और कूड़ा उठाव का कार्य नियमित रूप से कराया जाता है। मामला संज्ञान में आया है। बाल मजदूरी कराना कानूनन अपराध है। सफाई कार्य एजेंसी के माध्यम से कराया जा रहा है। जांच के बाद दोषी एजेंसी, संबंधित व्यक्ति और लापरवाह कर्मियों पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। – आशीष विद्यार्थी, स्वच्छता पदाधिकारी, नगर निगम
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