भास्कर न्यूज| सीतामढ़ी नये साल में नगर के मेहसौल गुमटी पर ओवर ब्रिज की सौगात मिल जाएगी। इसके कार्य में गति आ चुकी है तथा कार्य अंतिम चरण में है। इसके बनने से सीतामढ़ी के लोगों रेलवे गुमटी के जाम से स्थायी छुटकारा मिल जाएगा। आरओबी नगर का मुख्य प्रवेश द्वार है, ट्रेन आने-जाने पर लगने वाले लंबे जाम लगते हैं। इससे समय और ईंधन दोनों की बचत होगी। साथ ही रेलवे क्रॉसिंग पर होने वाली दुर्घटनाओं का खतरा समाप्त हो जाएगा। आर्थिक गतिविधियों में भी तेजी आएगी। नगर में प्रवेश के लिए शहर के उत्तरी क्षेत्र के अलावा सोनबरसा, बथनाहा, सुरसंड, परिहार, चोरौत, पुपरी, बाजपट्टी और नेपाल के लोगों को सुविधा होगी। बताते चले की 14 वर्षों से यह निर्माण अधूरा है, अब इसके कार्य में गति आ गई है। जिससे लोगों में अब निर्माण को ले भरोसा हो चुका है। आरओबी निर्माण में गति आ चुकी है। इसके सोनबरसा लेन में पिलर का काम पूर्ण होने बाद 72 गार्डर में से अब महज 6 गार्डर ही चढ़ाना शेष है। सभी गार्डर तैयार है, लेकिन रेलवे क्षेत्र में कार्य को लेकर पुल निगम के द्वारा छह गार्डर चढ़ाने पर रोक लगाई गई है। इधर रेलवे क्षेत्र का कार्य भी अंतिम चरण में है। आरओबी के पुपरी लेन का कार्य अभी शुरू है। इसके साथ ही ओवर ब्रिज के दोनों तरफ 5.5 मीटर चौड़ी पीक्यूसी सड़क का निर्माण भी जारी है। जो आरओबी की लंबाई के समानांतर में दोनों तरफ होगी। बीच के खाली स्थान पर पेवर ब्लाक लगाया जाना है। आरओबी के दोनों बगल से 1.8 मीटर चौड़ा नाला बनाया जा रहा है। जिसकी क्षमता भारी वाहनों का बोझ भी सहन करने की होगी। आरओबी के बगल से दोनों तरफ कुल 2190 मीटर लंबा नाला का निर्माण होगा। जिससे इधर पानी के निकासी के लिए आरओबी के क्षेत्र में जलजमाव नहीं होगा। विकल्प नहीं होने से लोगों को चार से छह किलोमीटर की दूरी तय करनी पड़ती है बताया जाता है कि रेलवे गुमटी पर ट्रेन व मालगाड़ियों के संचालन में वृद्धि से सदैव ही गुमटी बंद रहती है। जिससे नगर के उत्तरी दिशा के लोगों के साथ ही पुपरी, सोनबरसा, परिहार, सुरसंड, बाजपट्टी, बथनाहा, चोरौत और नेपाल के यात्रियों को सदैव ही घंटों जाम में फंसे रहना पड़ता है, नगर प्रवेश का दूसरे विकल्प में लोगों को चार से छह किलोमीटर की दूरी तय करनी पड़ती है। स्थानीय निवासी मनोज कुमार ने बताया कि आरओबी निर्माण के बाद उन्हें समय पर बच्चों को स्कूल भेजने व बाजार में अन्य कार्यों में समय नहीं गवाना होना। राशिद ने बताया कि जाम के कारण सदर अस्पताल के लिए भी एंबुलेंस को यहां समय गवाना पड़ता है, स्कूल बसों को भी प्राय: बिलंब हो जाता है। लेकिन आरओबी के बन जाने के बाद से इन समस्याओं से निजात मिल जाएगा। अकबर अली ने बताया कि स्थानीय व्यवसायी को भी इससे लाभ होगा। भीड़ व जाम के साथ ही जलजमाव से यात्री यहां से खरीदारी से परहेज करते थे, अब यह क्षेत्र भी साफ-सुथरा व जलजमाव से बाहर होगा। जिससे व्यवसाय में विकास होगा। ^आरओबी निर्माण के कार्य में तेजी है। इधर रेलवे क्षेत्र का कार्य भी प्रगति पर है। आरओबी का सभी कार्य अंतिम चरण में है। नये साल में हर हाल में आरओबी संचालित कर दिया जाएगा। मार्च से अप्रैल तक सोनबरसा लेन शुरू होगा व अक्टूबर तक पुपरी लेन का काम पूर्ण होगा। – आलोक कुमार, कार्यपालक अभियंता, पुल निगम
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