DniNews.Live

Fast. Fresh. Sharp. Relevant News

बेटी बोली- थैंक्यू योगी अंकल, गॉड ब्लेस यू:लखनऊ में CM ने दबंगों से खाली कराया मकान, पूर्व सैनिक के परिवार को सौंपा

नए साल के पहले ही दिन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ एक्शन में नजर आए। दबंगों द्वारा मकान हड़पे जाने से परेशान पूर्व सैनिक की बेटी अंजना की पीड़ा सुनते ही मुख्यमंत्री ने हस्तक्षेप किया। महज 24 घंटे के भीतर अंजना को उसका आशियाना वापस दिलाया गया और आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। न्याय मिलने पर अंजना की आंखों से आंसू छलक पड़े और उसके मुंह से निकला- थैंक्यू योगी अंकल, गॉड ब्लेस यू। सीएम से मिलकर अंजना ने मांगी मदद बुधवार को अंजना मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिली और उन्हें अपनी आपबीती सुनाई। उसने बताया कि चंदौली के दबंगों ने उसके मकान पर अवैध कब्जा कर लिया है, जिसके चलते वह दर-दर भटकने को मजबूर हो गईं। मुख्यमंत्री ने देश की सेवा करने वाले सैनिक की बेटी की पीड़ा को गंभीरता से सुना और अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री के निर्देश मिलते ही प्रशासन और पुलिस हरकत में आ गई। नए साल के पहले ही दिन अंजना की समस्या का समाधान कर दिया गया। प्रशासनिक कार्रवाई के बाद अंजना को उसका मकान वापस सौंपा गया, जिससे उसके चेहरे पर राहत और भरोसे की मुस्कान लौट आई। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपियों बलवंत यादव और मनोज कुमार यादव को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस का कहना है कि कानून से ऊपर कोई नहीं है और दबंगई करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
सेना में मेजर थे अंजना के पिता
अंजना के पिता स्व. बिपिन चंद्र भट्ट सेना में मेजर थे। उनका इंदिरा नगर में ए-418 नंबर का मकान है। उनका निधन 1994 में हो गया। मेजर भट्ट के एक बेटे व दो बेटियां थीं। उनके बेटे व एक बेटी का निधन हो चुका है। सिर्फ अंजना ही परिवार में रह गई थीं। सीजोफ्रेनिया से पीड़ित होने पर अंजना को 2016 में निर्वाण रिहैब सेंटर ले जाया गया। वहां के डॉक्टर की देखरेख में उनका इलाज शुरू हुआ। उन्हें बीमार देख बलराम यादव और मनोज कुमार यादव ने उनकी जमीन पर अपना बोर्ड लगा दिया और फर्जी कागजों से जमीन अपने नाम करा ली। 24 घंटे के भीतर ही हो गया समाधान पीड़िता ने मुख्यमंत्री को बताया कि विगत दिनों चंदौली निवासी बलवंत यादव ने फर्जी दस्तावेज लगाकर मकान पर कब्जा कर लिया है। मकान पर बलवंत कुमार का बोर्ड भी लगा दिया गया है। उन्होंने छह दिसंबर को स्थानीय थाने पर प्रार्थना पत्र देकर इसे खाली कराने का आग्रह किया। जब इस प्रक्रिया में विलंब होने लगा तो उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात कर अपनी व्यथा सुनाई। इसके बाद कार्रवाई हुई।


https://ift.tt/uQqDexk

🔗 Source:

Visit Original Article

📰 Curated by:

DNI News Live

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *