श्रावस्ती के सोनवा और इकौना थाना क्षेत्रों में नाबालिग समेत दो लड़कियों को बहला-फुसलाकर भगा ले जाने के दो अलग-अलग मामले सामने आए हैं। दोनों मामलों में परिजनों की नामजद तहरीर पर पुलिस ने मुकदमा भी दर्ज कर लिया है। लेकिन एक सप्ताह से अधिक समय बीत जाने के बावजूद न तो लड़कियों की बरामदगी हो सकी है और न ही आरोपी पुलिस की गिरफ्त में आ सके हैं। इससे पीड़ित परिवारों की चिंता बढ़ती जा रही है और दोनों लड़कियों की मां का रो-रोकर बुरा हाल है। पहला मामला इकौना थाना क्षेत्र से सामने आया है। यहां 24 दिसंबर 2025 को घर से इकौना बाजार सामान खरीदने गई 21 वर्षीय युवती संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गई। काफी देर तक जब लड़की घर नहीं लौटी, तो परिजनों ने तलाश शुरू की। बाद में पीड़िता की मां ने थाना इकौना में तहरीर देकर आरोप लगाया कि गांव के प्रधान का भाई वीरेंद्र कुमार उनकी बेटी को बहला-फुसलाकर भगा ले गया है। पीड़िता की मां ने बताया कि आरोपी पहले से शादीशुदा है और उस पर पहले भी ऐसे आरोप लग चुके हैं। इस मामले में भी पुलिस ने नामजद आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है, लेकिन अब तक न तो युवती की बरामदगी हो सकी है और न ही आरोपी की गिरफ्तारी हुई है। दूसरा मामला सोनवा थाना क्षेत्र का है। यहां 24 दिसंबर 2025 को घर से शौच के लिए निकली 13 वर्षीय नाबालिग दलित लड़की के लापता होने का मामला दर्ज कराया गया है। पीड़िता की मां का आरोप है कि गांव के ही नदीम ने उनकी बेटी को बहला-फुसलाकर जबरन भगा लिया और बाद में गांव के ही दूसरे युवक समीर के हवाले कर दिया। इस मामले में पीड़िता की मां की तहरीर पर पुलिस ने नदीम और समीर के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज किया है। पीड़िता की मां का कहना है कि घटना को आठ दिन हो चुके हैं, लेकिन अब तक उनकी बेटी का कोई सुराग नहीं मिल सका है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि विपक्षी पक्ष की ओर से उन्हें लगातार धमकियां दी जा रही हैं। महिला ने बताया कि उनकी तीन बेटियां हैं, जिनमें लापता लड़की सबसे बड़ी है। बेटी के लापता होने के बाद से पूरा परिवार सदमे में है। वहीं, नदीम के परिजनों ने आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा है कि उनके बेटे और परिवार को झूठे मामले में फंसाया जा रहा है। उनका कहना है कि घटना के दिन नदीम और उसके परिवार के लोग घर से बाहर थे और असली आरोपी समीर है, जिस पर कार्रवाई होनी चाहिए। दोनों ही मामलों में एक सप्ताह से अधिक समय बीत जाने के बाद भी कोई ठोस कार्रवाई न होने से पीड़ित परिवारों में भारी आक्रोश है। परिजनों का कहना है कि पुलिस केवल आश्वासन दे रही है, लेकिन जमीनी स्तर पर कोई प्रभावी कार्रवाई नजर नहीं आ रही है। इस संबंध में सोनवा और इकौना थानों की पुलिस का कहना है कि परिजनों की तहरीर के आधार पर संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। दोनों लड़कियों की बरामदगी और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमें लगाई गई हैं और संभावित स्थानों पर दबिश दी जा रही है। पुलिस का दावा है कि जल्द ही दोनों लड़कियों को सुरक्षित बरामद कर आरोपियों को गिरफ्तार किया जाएगा।
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