DniNews.Live

Fast. Fresh. Sharp. Relevant News

सेना ने 2026 को नेटवर्किंग-डेटा सेंट्रिसिटी का साल घोषित किया:जनरल द्विवेदी बोले- नवाचार हमारी ताकत का आधार है, ऑपरेशन सिंदूर अभी जारी

भारतीय सेना ने गुरुवार को 2026 को ‘नेटवर्किंग एवं डेटा-केंद्रितता (सेंट्रिसिटी) का वर्ष’ घोषित किया है। साथ ही कहा कि यह पहल कनेक्टिविटी, रियल-टाइम डिसिजन मेकिंग और कॉम्बेट इफेक्टिवनेस को बढ़ाएगी, जिससे भविष्य के लिए सेना की लचीलापन और फुर्ती और मजबूत होगी। सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने नए साल के संदेश में कहा कि सेना परिवर्तन के एक दशक से गुजर रही है। आत्मनिर्भरता तथा नवाचार हमारी सैन्य ताकत के मूल आधार हैं। उन्होंने सेना के एक्स (X) हैंडल पर पोस्ट किए गए अपने लिखित संदेश में कहा, स्वदेशी तकनीकों के प्रभावी उपयोग, नए विचारों और निरंतर सुधारों के माध्यम से हम सेना को अधिक सक्षम और भविष्य के लिए तैयार बना रहे हैं। नेटवर्किंग और डेटा-केंद्रितता (सेंट्रिसिटी) इस परिवर्तन को नया बल प्रदान कर रही है। जनरल द्विवेदी ने यह भी कहा कि भारतीय सेना पूरी सतर्कता और दृढ़ संकल्प के साथ राष्ट्र की सुरक्षा सुनिश्चित कर रही है।
उन्होंने कहा, पिछले साल शत्रु की नापाक साजिशों का ऑपरेशन सिंदूर के तहत ठोस और निर्णायक कार्रवाई से करारा जवाब दिया गया, और यह अभियान आज भी जारी है। 2024-25 प्रौद्योगिकी आत्मसात का वर्ष था 11 नवंबर 2025 को यहां एक संगोष्ठी में अपने संबोधन में जनरल द्विवेदी ने कहा था कि भारतीय सेना 2026-27 को ‘नेटवर्किंग एवं डेटा-केंद्रितता का वर्ष’ घोषित करने पर काम कर रही है। यह भी रेखांकित किया था कि यह एक ऐसा क्षेत्र है जिसमें हम तैयार नहीं हैं और इसलिए हमें तेजी से कार्रवाई करने की जरूरत है। सेना ने इससे पहले 2024-25 को ‘प्रौद्योगिकी आत्मसात का वर्ष’ घोषित किया था। एक अन्य पोस्ट में सेना ने बताया कि जनरल द्विवेदी ने गुरुवार को दिल्ली कैंट स्थित बेस हॉस्पिटल का दौरा किया, जहां उन्होंने इलाज करा रहे सेवारत कर्मियों और पूर्व सैनिकों से मुलाकात की, सभी परिस्थितियों के बावजूद उनके जुझारूपन की सराहना की और शीघ्र स्वस्थ होने की शुभकामनाएं दीं। ये खबर भी पढ़ें: भारत-पाकिस्तान ने एक-दूसरे को परमाणु ठिकानों की जानकारी दी:35 साल पुरानी परंपरा; ऑपरेशन सिंदूर के दौरान उड़ी थी किराना हिल्स पर हमले की अफवाह भारत और पाकिस्तान ने गुरुवार 1 जनवरी को एक-दूसरे के साथ अपने परमाणु ठिकानों की लिस्ट शेयर की है। ये ठिकाने वही हैं, जहां दोनों देशों के परमाणु हथियार रखे जाते हैं। यह परंपरा पिछले 35 साल से चल रही है। भारत और पाकिस्तान ने नई दिल्ली और इस्लामाबाद में राजनयिक चैनलों के जरिए इस लिस्ट का आदान-प्रदान किया। पढ़ें पूरी खबर…


https://ift.tt/jezhP39

🔗 Source:

Visit Original Article

📰 Curated by:

DNI News Live

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *