बलरामपुर के लाल नगर गांव में मंगलवार को अंतरराष्ट्रीय त्रिपिटक पाठ एवं धम्म यात्रा का आयोजन किया गया। इस अवसर पर देश-विदेश से आए बौद्ध भिक्षु, श्रद्धालु और गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण भारत का सबसे ऊंचा धम्म ध्वज था, जिसका अनावरण किया गया। धम्म ध्वज का अनावरण भारत में कंबोडिया की राजदूत राथ मेनी और उत्तर प्रदेश के तकनीकी शिक्षा मंत्री आशीष सिंह पटेल ने संयुक्त रूप से किया। राजदूत राथ मेनी ने बताया कि कंबोडिया में 90 से 95 प्रतिशत लोग बौद्ध धर्म का पालन करते हैं और भारत में ऐसे आयोजन अत्यंत श्रद्धा के साथ मनाए जाते हैं। तकनीकी शिक्षा मंत्री आशीष सिंह पटेल ने प्रदेश में पहली बार स्थापित हुए इस विशाल धम्म ध्वज की महत्ता पर प्रकाश डाला और जनता को “बुद्धम् शरणम् गच्छामि” की शिक्षाओं को स्मरण रखने का संदेश दिया। कार्यक्रम के आयोजक लार्ड बुद्ध वेलफेयर फाउंडेशन के सचिव दिवाकर पटेल ने जानकारी दी कि लाल नगर गांव में पिछले चार वर्षों से धम्म स्थली का निर्माण कार्य जारी है। उन्होंने बताया कि इस आयोजन का उद्देश्य भगवान बुद्ध की मूल शिक्षाओं (त्रिपिटक) का पाठ कर विश्व शांति को बढ़ावा देना है। पटेल ने यह भी दावा किया कि यह स्थापित धम्म ध्वज विश्व का सबसे ऊंचा और प्रथम धम्म ध्वज है। इस अवसर पर वेनखेनपो कर्मा गेंडुन (प्राचार्य, वज्र विद्या संस्थान, सारनाथ), डा. सोनम योंदेन गुरूंग (महाबोधि सोसाइटी आफ इंडिया, सारनाथ), वेनआर सुमिथ्थानंद थेरो और वेनआर सद्धालोक महाथेरो सहित कई अन्य बौद्ध धर्मगुरु उपस्थित रहे। उत्तर प्रदेश संस्कृति विभाग द्वारा प्रस्तुत सांस्कृतिक कार्यक्रमों और सोल ऑफ आर्ट अंतरराष्ट्रीय कला प्रदर्शनी ने आयोजन को और अधिक आकर्षक बनाया।

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