अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा युवा ने बुलंदशहर के प्रीत विहार स्थित ठाकुर राकेश भाटी के आवास पर एक पत्रकार वार्ता का आयोजन किया। यह वार्ता समाजवादी पार्टी की दादरी रैली में नेताओं द्वारा क्षत्रिय सम्राट मिहिर भोज को एक जाति विशेष से जोड़कर संबोधित करने के विरोध में बुलाई गई थी। पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा के मंडल अध्यक्ष (मेरठ) ज्ञानेंद्र सिंह राघव और करणी सेना के एडवोकेट बृजेश राणा ने कहा कि क्षत्रिय सम्राट मिहिर भोज प्रतिहार वंश के थे और मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान राम के छोटे भाई लक्ष्मण के पुत्र अंगद के वंशज हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि राजनीतिक दल वोटों के लालच में जातियों में द्वेष पैदा कर रहे हैं और सम्राट मिहिर भोज को जाति विशेष से जोड़कर क्षत्रिय समाज का अपमान कर रहे हैं, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने पूर्व में हुई एक घटना का भी जिक्र किया। बताया कि पहले भी कुछ जाति विशेष के लोगों द्वारा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिहिर भोज कॉलेज में लगी प्रतिमा के अनावरण के समय ‘गुर्जर’ शब्द जोड़ने का प्रयास किया गया था। इसके विरोध में उत्तर प्रदेश सहित पूरे देश में प्रदर्शन हुए थे, जिसके बाद सरकार ने इतिहास की सही जानकारी के आधार पर ‘गुर्जर’ शब्द हटाकर मूर्ति का अनावरण किया था। वर्तमान में, सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव और समाजवादी प्रवक्ता राजकुमार भाटी पर आरोप लगाया गया कि वे गुजरात्रा प्रदेश पर लंबे समय तक शासन करने वाले तथा देश की संस्कृति व धरोहर को बचाने वाले क्षत्रिय सम्राट मिहिर भोज को एक जाति से जोड़कर क्षत्रिय समाज और सम्राट मिहिर भोज का अपमान करने की कोशिश कर रहे हैं। अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा युवा ने चेतावनी दी कि वे चरणबद्ध तरीके से विरोध प्रदर्शन करेंगे और संबंधित राजनीतिक दलों को सबक सिखाने का कार्य करेंगे। इस अवसर पर ज्ञानेंद्र सिंह राघव, बृजेश राणा, बृजेश सिंह राघव और अधिवक्ता अभिषेक प्रताप सिंह सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।

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