विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति उत्तर प्रदेश के आवाहन पर गाजीपुर के विद्युत कर्मियों ने 1 जनवरी 2026 को विरोध प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन भोजन अवकाश के दौरान लाल दरवाजा पावर हाउस स्थित सर्किल ऑफिस के बाहर हुआ। उनकी मुख्य मांगों में निजीकरण रद्द करना, स्मार्ट मीटर पर रोक लगाना और संविदा कर्मियों की बहाली शामिल थी। सभा को संबोधित करते हुए विद्युत मजदूर पंचायत के पूर्वांचल अध्यक्ष एवं प्रदेश अतिरिक्त महामंत्री निर्भय नारायण सिंह ने ऊर्जा निगमों में निजीकरण की प्रक्रिया को तत्काल निरस्त करने की मांग की। उन्होंने विद्युत पेंशनरों और कर्मियों के यहां स्मार्ट मीटर लगाए जाने की प्रक्रिया पर भी तुरंत रोक लगाने की बात कही। जूनियर इंजीनियर संगठन गाजीपुर के जिला अध्यक्ष मिथिलेश यादव ने चेतावनी दी कि यदि स्मार्ट मीटर लगाने की प्रक्रिया पर रोक नहीं लगाई गई, तो एक बड़ा आंदोलन शुरू किया जाएगा। विद्युत मजदूर पंचायत गाजीपुर के मंडल अध्यक्ष अरविंद श्रीवास्तव ने संविदा कर्मियों का मुद्दा उठाया। उन्होंने बताया कि मार्च 2023 की हड़ताल के बाद निकाले गए संविदा कर्मियों को ऊर्जा मंत्री के आदेश के बावजूद अभी तक काम पर वापस नहीं रखा गया है, जिससे उनमें आक्रोश है। श्रीवास्तव ने विभागीय प्रबंधन से इन संविदा कर्मियों को तत्काल कार्य पर रखने की मांग की। इस प्रदर्शन में सुनील कुशवाहा, शशीकांत मौर्य, अजय कुशवाहा, वीरेंद्र मौर्य, भानु कुशवाहा, संदीप मौर्य, अभय गौतम, संदीप यादव, अरुण चौरसिया, सहस्त्रजीत यादव, मनोज श्रीवास्तव, चंद्रहास कुशवाहा, इंसाफ अली, अनमोल मिश्रा, अश्वनी सिंह, उपेंद्र ओझा, वेदांत त्रिपाठी, मुन्ना, नागेंद्र कुशवाहा, पवन कुमार, अजय विश्वकर्मा, मनोज बिंद, कैलाश यादव, सुधीर पांडे, तेजस राज, वकील, सलीम, प्रदीप कुमार, राकेश कुमार, राघवेंद्र यादव सहित कई कर्मचारी उपस्थित थे। सभा की अध्यक्षता अरविंद श्रीवास्तव ने की, जबकि संचालन निर्भय नारायण सिंह ने किया।
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