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संभल हिंसा के मुख्य आरोपी शारिक साठा पर FIR दर्ज:NBW के बाद नोटिस जारी हुआ था, अब कुर्की की तैयारी

संभल हिंसा के मुख्य आरोपी और फरार गैंगस्टर शारिक साठा के खिलाफ एसआईटी प्रभारी मेघपाल सिंह ने रिपोर्ट दर्ज कराई है। साठा पर विदेश में बैठकर संभल हिंसा की साजिश रचने का आरोप है। उसे भारत का सबसे बड़ा ऑटो लिफ्टर भी बताया जाता है। थाना नखासा पुलिस ने एसआईटी प्रभारी मेघपाल सिंह की तहरीर पर शारिक साठा पुत्र सायक हुसैन निवासी पजाया मोहल्ला दीपा सराय के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 209 के तहत मामला दर्ज किया है। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने 28 अक्टूबर 2025 को उसके खिलाफ NBW (गैर-जमानती वारंट) जारी किया था। इसके बाद 27 नवंबर 2025 को कुर्की उद्घोषणा नोटिस जारी किया गया था, जिसमें न्यायालय में उपस्थित होने के लिए एक माह का समय दिया गया था। न्यायालय के आदेश की अवहेलना करने के मामले में यह रिपोर्ट दर्ज की गई है। 28 नवंबर 2025 को पुलिस ने उसके घर पहुंचकर डुगडुगी बजाई और नोटिस चस्पा किया था। अब जल्द ही BNS की धारा 85 के तहत कुर्की की कार्रवाई की जाएगी। यह हिंसा 24 नवंबर 2024 को संभल के विवादित धार्मिक स्थल (शाही जामा मस्जिद बनाम श्रीहरिहर मंदिर) के सर्वे के दौरान भड़की थी, जिसमें अयान सहित पांच लोगों की मौत हो गई थी। पुलिस साठा के तीन गुर्गों मुल्ला अफरोज, गुलाम और वारिस को पहले ही जेल भेज चुकी है। शारिक साठा 2020 में दिल्ली की जेल से छूटने के बाद फर्जी पासपोर्ट बनवाकर दुबई भाग गया था। संभल कोतवाली के मुकदमा अपराध संख्या 339/2024 में वह आरोपी है। हिंसा में मुख्य साजिशकर्ता के रूप में नाम सामने आने के बाद से उसका घर बंद है और वह दुबई में छिपा हुआ है। गुरुवार को थाना नखासा प्रभारी संजीव बालियान ने बताया कि एसआईटी प्रभारी मेघपाल सिंह की तहरीर पर शारिक साठा के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है। उन्होंने यह भी बताया कि एक महीने पहले दो अन्य रिपोर्ट भी दर्ज की गई थीं। आपको बता दें कि बीती 19 नवंबर को हिंदू पक्ष की ओर से सिविल सीनियर डिवीजन चंदौसी कोर्ट में दावा किया गया कि संभल की शाही जामा मस्जिद श्रीहरिहर मंदिर है। 19 नवंबर की शाम को मस्जिद का पहले चरण का सर्वे हुआ और दूसरे चरण का सर्वे 24 नवंबर को हुआ। मस्जिद में चल रहे सर्वे के दौरान हजारों की संख्या में इकट्ठा हुए लोगों ने पुलिस पर पथराव-फायरिंग शुरू कर दी, जिसमें चार मौतें हो गई, वहीं, उग्र भीड़ ने गाड़ियों को फूंक दिया। तीन हत्यारोपी, तीन महिलाओं एवं इंतजामिया मस्जिद सदर जफर अली एडवोकेट सहित कुल 134 अभियुक्तों को जेल भेजा है, 46 अभियुक्तों की जमानत हो चुकी है।


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