वाराणसी में इस बार 72वीं नेशनल सीनियर महिला/पुरुष वालीबाल प्रतियोगिता आगामी 4 जनवरी से होने जा रही है। इसे लेकर सिगरा स्टेडियम में तैयारियां जोरों पर चल रही हैं। सिगरा स्टेडियम के इनडोर हाल में दो कोर्ट और दो कोर्ट फुटबाल ग्राउंड में बनाने की तैयारी चल रही है। एक कोर्ट इनडोर में बनकर तैयार है, जिस पर यूपी का कैंप लगा हुआ है। उधर प्रधानमंत्री के विजन और सपनों के स्टेडियम में पूर्व खिलाड़ियों ने इस वालीबाल प्रतियोगिता को लेकर फुटबाल ग्राउंड में बनने वाले वालीबाल के दो कोर्ट को लेकर नाराजगी जताई है। पूर्व इंटरनेशनल खिलाड़ियों और मौजूदा खिलाड़ियों की मानें तो टूर्नामेंट हो रहा यह वाराणसी के लिए गर्व की बात है। पर करोड़ों की लागत से वाराणसी के खिलाड़ियों को कितने वर्ष बाद फुटबाल का इतना अच्छा ग्राउंड मिला उसे एक नेशनल टूर्नामेंट के लिए बर्बाद न किया जाए। उसके लिए विकल्प तलाशा जाए। ऐसे में दैनिक भास्कर ने वाराणसी के पूर्व इंटरनेशनल फुटबाल खिलाड़ियों, वालीबाल के ऑफिशियल्स और आरएसओ विमला सिंह से फुटबाल ग्राउंड और वालीबाल कोर्ट के बारे में जानकारी ली और क्या होना चाहिए इसे समझा। पढ़िए रिपोर्ट… सबसे पहले देखिए तस्वीरें… सबसे पहले जानिए फुटबाल ग्राउंड पर वालीबाल कोर्ट बनने से क्या होगी दिक्कत ? और क्या है पूर्व खिलाड़ियों की मांग 72वीं सीनियर प्रतियोगिता के लिए बनना है कोर्ट वाराणसी के सिगरा स्टेडियम में 4 से 11 जनवरी तक होने वाली सीनियर वालीबाल प्रतियोगिता के लिए चार कोर्ट बनाए जाने हैं। जिनमें से दो कोर्ट आज से फुटबाल ग्राउंड में बनाए जाएंगे। यह कोर्ट दो दिन में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। लेकिन इस कोर्ट के बनने की सूचना के बाद से फुटबाल खिलाड़ियों में रोष है। करोड़ों का फुटबाल ग्राउंड हो जाएगा बर्बाद इंटरनेशनल फुटबाल खिलाड़ी राकेश यादव ने बताया – वालीबाल का टूर्नामेंट होना हमारे लिए गर्व की बात है। लेकिन वालीबाल का कोर्ट अगर फुटबाल ग्राउंड में बनाएंगे तो हमारे मैदान की ग्रास को काटा और छिला जाएगा। हमारे मैदान में वापस से ग्रास लाना काफी मुश्किल है। वालीबाल के बाद वापस से ग्रास लाना बहुत मुश्किल होगा। ऐसे में खिलाड़ियों के इंजर्ड होने की संभावनाएं बढ़ जाएगी। आयोजन समिति अल्टरनेट देखें राकेश यादव ने कहा – वालीबाल का टूर्नामेंट कराएं पर फुटबाल का मैदान न छुए क्योंकि वाराणसी के सेंटर में यह मैदान है जिसमें रोजाना 150 उदीयमान खिलाड़ी प्रेक्टिस करने आ रहे हैं। उन्हें दिक्कत होगी और खिलाड़ियों को अगर इंजरी हुई तो उसकी और वापस से ग्रास लाने में काफी दिक्कत का सामना करना पड़ेगा। पर हमारी मांग यही है कि किसी और जगह को देखा जाए फुटबाल ग्राउंड को न छुआ जाए। क्रिकेट मैदान हो सकता है ऑप्शन संतोष ट्राफी के प्लेयर पवन कुमार सोनकर ने बताया – ग्राउंड डेमेज हो जाएगा। क्योंकि जब वालीबाल का ग्राउंड बनेगा तो पूरा चट मैदान कर दिया जाएगा। फुटबाल ग्राउंड में ग्रास चाहिए लेकिन वालीबाल कोर्ट बनेगा तो काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा। आयोजन सचिव को चाहिए की विकल्प देखें और क्रिकेट मैदान में इसे बनवाए क्योंकि वहां बिना ग्रास का मैदान चलेगा लेकिन फुटबाल में इंजरी होने लगेगी। करोड़ों का लगा है स्प्रिंकल डैमेज होने का डर इस संबंध में RSO विमला सिंह ने बताया – फुटबाल ग्राउंड में करोड़ों रुपए के करीब 35 स्प्रिंकल लगे हुए हैं। पूरे ग्राउंड के नीचे पाइप लाइन गयी हुई। खोदाई यदि सही से नहीं की गयी तो उसके डैमेज होने का डर है। उसे बनाने के लिए ग्राउंड को पूरा खोदना पड़ेगा। ऐसे में दिक्कतें आ सकती हैं। अब जानिए कब से है टूर्नामेंट ? कौन है आयोजक ? कितने कोर्ट बनाए जा रहे हैं और कितनी टीमें ले रही हैं हिस्सा ? 4 जनवरी से सिगरा स्टेडियम में होगी प्रतियोगिता आल इंडिया प्राइजमनी आमंत्रण फुटबाल प्रतियोगिता के बाद सिगरा स्टेडियम में अभी तक की सबसे बड़ी प्रतियोगिता 72वीं नेशनल पुरुष/महिला वालीबाल सीनियर प्रतियोगिता का आयोजन 4 जनवरी से होने जा रहा है। इस प्रतियोगिता में 73 टीमें हिस्सा ले रही है। 11 जनवरी तक चलने वाली इस प्रतियोगिता के उद्घाटन समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी डिजिटली जुड़ेंगे। डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक और डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्या उद्घाटन समारोह में मौजूद रहेंगे। नेशनल रेफरी ने दी जानकारी नेशनल रेफरी वालीबाल चंद्रभान मिश्रा ने बताया – 4 तारीख से 11 तारीख तक यह वालीबाल टूर्नामेंट हो रहा है। इसमें कुल 73 टीमें आएंगी। जिसमें पांच से 6 कोर्ट बनाए जाएंगे। दो कोर्ट इनडोर में बनाए जाएंगे। इसमें तीन कोर्ट बनाए जा रहे हैं। फुटबाल कम्प्टीशन के बाद वहां आउटडोर में बनाया जाएगा। इसमें पुरुषों की 37 और महिलाओं की 36 टीमें (कुल 1022 खिलाड़ी) हिस्सा लेगी। कोर्ट के मानक पर की बात कोर्ट के मानक को लेकर बताया – वालीबाल इनडोर गेम है और हम उन्हें इनडोर फेसिलिटी दे रहे हैं। इतना बड़ा टूर्नामेंट है। वाराणसी को छोड़ दीजिये इंडिया में भी कहीं होता है तो वहां इनडोर और आउटडोर की व्यवस्था बनी होती है। लीग में बहुत मैच होता है तो इनडोर में कराना आसान नहीं होता है। इसलिए बाहर भी कोर्ट बनाए जाते हैं। स्टेडियम के आउटडोर वालीबाल कोर्ट बेकार नेशनल रेफरी ने बताया – वाराणसी के सिगरा स्टेडियम में जो कोर्ट बने हैं वो सिर्फ प्रैक्टिस कोर्ट है। दरअसल वो सीमेंटेड है इसलिए उसपर नेशनल करना संभव नहीं है। इसपर खेलने से खिलाड़ियों नी इंजरी होने की संभावना है। यह आयोजन इनडोर टेराफ्लेक्स पर होता है। इसपर होगा तो खिलाड़ी को इंजरी हो जाएगी।
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