लखनऊ के कालीचरण पीजी कॉलेज में मंगलवार को पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की गई। यहां ‘एकल उपयोग प्लास्टिक एवं प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन’ विषय पर एक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह आयोजन केन्द्रीय पेट्रोरसायन अभियांत्रिकी एवं प्रौद्योगिकी संस्थान (CIPET) और कॉलेज के सहयोग में हुईं । कार्यक्रम की अध्यक्षता कॉलेज के प्रबंधक इं. वी.के. मिश्र ने की। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि प्लास्टिक वर्तमान में पर्यावरण प्रदूषण का एक प्रमुख कारण बन गया है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि समय रहते इसके प्रबंधन पर ध्यान नहीं दिया गया, तो भविष्य में यह समस्या और गंभीर रूप ले सकती है। छात्रों से प्लास्टिक का उपयोग कम करने की अपील महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. चन्द्रमोहन उपाध्याय ने छात्रों से दैनिक जीवन में प्लास्टिक का उपयोग कम करने की अपील की। उन्होंने जोर दिया कि एकल उपयोग प्लास्टिक से दूरी बनाकर और इसके निस्तारण संबंधी दिशानिर्देशों का पालन करके पर्यावरण को सुरक्षित रखा जा सकता है। प्लास्टिक के दुष्प्रभावों पर विस्तृत जानकारी दी कार्यक्रम के दौरान डॉ. सितेश आनन्द ने एकल उपयोग प्लास्टिक के दुष्प्रभावों पर विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यह न केवल पर्यावरण बल्कि मानव स्वास्थ्य के लिए भी गंभीर खतरा उत्पन्न कर रहा है। डॉ. दिव्या पाण्डेय ने प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन के लिए सरकार द्वारा किए जा रहे विभिन्न प्रयासों से अवगत कराया। इस कार्यक्रम को सफल बनाने में डॉ. अनुराग पाण्डेय की महत्वपूर्ण भूमिका रही। कार्यक्रम की संयोजिका प्रो. मीना कुमारी ने अंत में सभी विद्यार्थियों को कपड़े के थैले इस्तेमाल करने की शपथ दिलाई, जिससे प्लास्टिक के उपयोग को कम करने का संकल्प लिया गया।

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