वाणिज्य कर विभाग ने उत्तर प्रदेश मूल्य संवर्धित कर (VAT) अधिनियम 2008 की धाराओं के उल्लंघन के मामले में बड़ी कार्रवाई की है। विभाग ने पीलीभीत के प्रभागीय निदेशक, सामाजिक वानिकी प्रभाग के खिलाफ 1,25,000 रुपए की बकाया धनराशि वसूली के लिए ‘रिकवरी सर्टिफिकेट’ (RC) जारी किया है। वाणिज्य कर कार्यालय, बरेली मंडल के अनुसार, सामाजिक वानिकी प्रभाग पर वर्ष 2016-17 की अवधि के लिए कर निर्धारण किया गया था। 22 अक्टूबर 2020 को आदेश पारित होने के बावजूद, निर्धारित कर और अर्थदंड की कुल 1.25 लाख रुपए की राशि जमा नहीं की गई थी। इसी बकाया को वसूलने के लिए विभाग ने जिलाधिकारी पीलीभीत को वसूली प्रमाण पत्र संख्या 2032PIL0000456 प्रेषित किया है। वाणिज्य कर विभाग ने स्पष्ट किया है कि यह वसूली उत्तर प्रदेश भू-राजस्व की बकाया की तर्ज पर की जाएगी। यदि समय पर भुगतान नहीं होता है, तो तहसील स्तर पर कुर्की या अन्य कठोर कानूनी कदम उठाए जा सकते हैं। इस संबंध में तहसील पीलीभीत, पूरनपुर और कलीनगर को सूचित किया गया है। जारी नोटिस के अनुसार, 1.25 लाख रुपए की मूल धनराशि के अलावा विभाग पर 15% वार्षिक की दर से ब्याज भी देय है। यह ब्याज 22 नवंबर 2020 से लेकर वसूली की वास्तविक तिथि तक जोड़ा जाएगा। सामाजिक वानिकी प्रभाग के डीएफओ भरत कुमार डीके से बातचीत की गई, तो उन्होंने कहा कि मुझे ऐसा कोई पत्र प्राप्त नहीं हुआ है।
https://ift.tt/abndUpW
🔗 Source:
Visit Original Article
📰 Curated by:
DNI News Live

Leave a Reply