बरेली की एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) और भमोरा पुलिस की संयुक्त टीम ने नशीले पदार्थों की तस्करी के खिलाफ बड़ी सफलता हासिल की है। टीम ने घेराबंदी कर तीन तस्करों को गिरफ्तार किया है, जिनके पास से 1.750 किलोग्राम हेरोइन बरामद हुई है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में इस खेप की कीमत लगभग 12 करोड़ रुपये आंकी गई है। सीओ आंवला नितिन कुमार ने बताया कि यह गिरोह कच्चे मादक पदार्थों को केमिकल के जरिए स्मैक और हेरोइन में बदलकर तस्करी करता था। मुखबिर की सूचना पर भगवानपुर के तीन तस्करों को पुलिस ने दबोचा पुलिस के अनुसार, एएनटीएफ यूनिट के उप निरीक्षक विकास यादव को मादक पदार्थों की तस्करी की सटीक सूचना मिली थी। इस पर थाना भमोरा से उप निरीक्षक हीरेन्द्र सिंह और कांस्टेबल मुस्तफा को टीम के साथ रवाना किया गया। संयुक्त टीम ने दबिश देकर परमानंद उर्फ पप्पू, उसके बेटे रविन्द्र और दूसरे बेटे यशवीर निवासी ग्राम भगवानपुर, थाना बिनावर, बदायूं को गिरफ्तार कर लिया। इनके पास से न केवल हेरोइन, बल्कि स्मैक बनाने में इस्तेमाल होने वाला 950 ग्राम रंग और 87,520 रुपये नकद भी बरामद हुए हैं। पावर पाउडर और केमिकल के खेल से चलता था अवैध कारोबार पूछताछ के दौरान परमानंद उर्फ पप्पू ने चौंकाने वाले खुलासे किए। उसने बताया कि वह कच्चे माल में केमिकल और ‘पावर पाउडर’ मिलाकर उसे स्मैक और हेरोइन की शक्ल देता था। इस मिलावट के जरिए वह नशीले पदार्थों की मात्रा बढ़ाकर उन्हें ऊंचे दामों पर बेचता था। इस अवैध कारोबार में उसके दोनों बेटे, रविन्द्र और यशवीर, पूरी तरह उसका सहयोग करते थे। पुलिस ने इनके पास से तीन मोबाइल फोन भी जब्त किए हैं, जिनसे तस्करी के नेटवर्क खंगाले जा रहे हैं। एनडीपीएस एक्ट के तहत दर्ज हुआ मुकदमा इस कार्रवाई को अंजाम देने वाली टीम में थानाध्यक्ष सनी चौधरी, उप निरीक्षक हीरेन्द्र सिंह, एएनटीएफ के उप निरीक्षक विकास यादव और कांस्टेबल मुस्तफा शामिल रहे। पकड़े गए तीनों व्यक्तियों के खिलाफ थाना भमोरा में धारा 8/21 एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस अब इस गिरोह के अन्य संपर्कों और सप्लाई चेन का पता लगाने में जुटी है।

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