केंद्र सरकार ने तंबाकू उत्पादों पर अतिरिक्त एक्साइज ड्यूटी लगाने का फैसला किया है। नया नियम 1 फरवरी 2026 से लागू होगा, जिससे देश के 25 करोड़ से ज्यादा स्मोकर्स के लिए सिगरेट पीना महंगा हो जाएगा। वित्त मंत्रालय ने बुधवार, 31 दिसंबर को देर रात तंबाकू, जर्दा और गुटखा पैकेजिंग मशीनों से जुड़े नए नियमों (कैपेसिटी डिटरमिनेशन एंड कलेक्शन ऑफ ड्यूटी, नियम 2026) को नोटिफाई कर दिया है। नए नियमों के मुताबिक, सिगरेट की लंबाई के आधार पर प्रति 1,000 स्टिक्स पर 2,050 रुपए से लेकर 8,500 रुपए तक की एक्साइज ड्यूटी वसूली जाएगी। यह ड्यूटी मौजूदा टैक्स स्ट्रक्चर के ऊपर अतिरिक्त होगी। सरकार का उद्देश्य तंबाकू उत्पादों पर टैक्स व्यवस्था को और अधिक कड़ा बनाना है। तंबाकू बनाने वाली कंपनियों के शेयर गिरे इस खबर के आते ही सिगरेट बनाने वाली कंपनियों के शेयरों में भारी बिकवाली देखने को मिल रही है। ‘गोल्ड फ्लेक’ और ‘क्लासिक’ जैसे ब्रांड बनाने वाली मार्केट लीडर कंपनी ITC का शेयर 8.62% गिरकर 402 रुपए से 368 रुपए के स्तर पर कारोबार कर रही है। वहीं मार्लबो सिगरेट बेचने वाली कंपनी गॉडफ्रे फिलिप्स इंडिया के शेयरों में भी 12% की गिरावट है। FMCG इंडेक्स में भी इसका असर दिख रहा है और ये 3% से ज्यादा गिरकर कारोबार कर रहा है। 40% GST के ऊपर हेल्थ और नेशनल सिक्योरिटी सेस भारत में तंबाकू उत्पादों (पान मसाला और सिगरेट) पर पहले से ही 40% GST लगता है। अब 1 फरवरी से सरकार ने ‘कंपनसेशन सेस’ को खत्म कर उसकी जगह ‘हेल्थ और नेशनल सिक्योरिटी सेस’ और ‘एडिशनल एक्साइज ड्यूटी’ लगाने का प्रावधान किया है। संसद ने दिसंबर 2025 में ही इससे जुड़े दो बिलों को मंजूरी दे दी थी। बीड़ी पर 18% टैक्स ही रहेगा नए नोटिफिकेशन के अनुसार, जहां सिगरेट और पान मसाला पर 40% GST लगेगा, वहीं बीड़ी पर टैक्स की दर 18% ही रखी गई है। पान मसाला मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स पर नया हेल्थ और नेशनल सिक्योरिटी सेस लगेगा। यह शुल्क मशीन की क्षमता के आधार पर वसूला जाएगा, ताकि टैक्स चोरी को रोका जा सके। कॉम्पेनसेशन सेस की जगह लेगा नया सिस्टम अभी तक GST लागू होने के बाद राज्यों को होने वाले नुकसान की भरपाई के लिए कंपनसेशन सेस लगाया जाता था। अब सरकार GST व्यवस्था को रेसनलाइज बना रही है, जिसके तहत इस सेस को खत्म कर एडिशनल एक्साइज ड्यूटी और हेल्थ सेस लाया गया है। 1 फरवरी 2026 से पुराने सभी कंपनसेशन सेस खत्म हो जाएंगे। भारत में 25.3 करोड़ स्मोकर्स दुनिया में सबसे अधिक तंबाकू का सेवन करने वाले देशों की लिस्ट में चीन के बाद भारत दूसरे नंबर पर है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के मुताबिक, भारत में 15 वर्ष या उससे अधिक उम्र के 25.3 करोड़ लोग स्मोकिंग करते हैं। इनमें लगभग 20 करोड़ पुरुष हैं और 5.3 करोड़ महिलाएं हैं। भारत में सिगरेट से हर साल 10 लाख लोगों की मौत विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के मुताबिक, पूरी दुनिया में हर साल सिगरेट पीने की वजह से 80 लाख से ज्यादा लोगों की प्रीमेच्योर डेथ होती है। वहीं भारत में हर साल स्मोकिंग के कारण 10 लाख से अधिक लोगों की मौत हो जाती है। इसमें अगर अन्य तंबाकू उत्पादों के सेवन के कारण हुई मौतों के आंकड़े भी जोड़ दिए जाएं तो भारत में हर साल लगभग 13.5 लाख लोगों की मौत तंबाकू के सेवन के कारण होती है। यूनिवर्सिटी कॉलेज, लंदन के मुताबिक, सिगरेट पीने से लोगों की लाइफ एक्सपेक्टेंसी तेजी से घट रही है। एक सिगरेट पीने से जिंदगी के 20 मिनट कम हो रहे हैं। वहीं अगर कोई 10 साल तक रोज 10 सिगरेट पी रहा है तो इसका मतलब है कि उसकी जिंदगी के 500 दिन कम हो गए हैं। ——————– ये खबर भी पढ़े… बीड़ी पर GST 18%, सिगरेट पर 40% क्यों: देश में बीड़ी कारोबार से 70 लाख से ज्यादा लोगों को रोजगार, पहले दोनों पर 28% लग रहा था 3 सितंबर से GST में बदलाव के ऐलान के बाद सिगरेट और गुटखा जैसे तंबाकू प्रोडक्ट्स के दाम बढ़ने वाले हैं, जबकि, बीड़ी के दाम में थोड़ी सी कमी आएगी। बीड़ी पर जीएसटी पहले 28% था जिसे घटाकर 18% कर दिया गया है। बीड़ी बनाने में इस्तेमाल होने वाले तेंदू पत्तों पर GST 18% से घटाकर 5% कर दिया गया है। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें…
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