लखनऊ KGMU में चल रहे लव जिहाद प्रकरण में बुधवार का दिन अहम रहा। पीड़ित डॉक्टर सीएम योगी से मिली। सीएम योगी ने आरोपी डॉक्टर ने आरोपी डॉक्टर की गिरफ्तारी का सख्त आदेश दिया। इधर यूनिवर्सिटी परिसर में पैथोलॉजी विभाग के डॉक्टरों के बयान दर्ज किए गए। हालांकि, HOD अब भी यूनिवर्सिटी नहीं लौटे हैं जिससे उनका बयान नहीं हो सका। बुधवार दोपहर करीब 12 बजे सभी 7 सदस्यीय मेंबर्स की मौजूदगी में जांच टीम ने पैथोलॉजी विभाग में कार्रवाई शुरू की। जांच टीम में पैथोलॉजी विभाग के वह प्रोफेसर भी शामिल हुए, जिन पर लैब के अंदर नमाज और तकरीरें पढ़ने का आरोप था। जांच कमेटी के सामने बचाव पक्ष की तरफ से भी खुलकर बातें रखी गईं। वहीं, पीड़ित डॉक्टर से सीएम योगी ने इंसाफ दिलाने का वादा किया है। पुलिस अफसरों को सख्त मैसेज दिया गया है कि आरोपी डॉक्टर को किसी भी हालत में गिरफ्तार करके लाओ। मुख्यमंत्री ने मामले को गंभीरता से लेते हुए कार्रवाई का भरोसा दिया है। पीड़ित और सीएम योगी की यह मुलाकात पूरी तरह गोपनीय रखी गई। मुख्यमंत्री से मुलाकात की खबर से KGMU में भी हड़कंप इस बीच बुधवार शाम KGMU की पीड़ित डॉक्टर अपनी मां के साथ मुख्यमंत्री से मिली। मुलाकात के दौरान पीड़ित डॉक्टर ने अपनी आपबीती सुनाई। मौके पर ही सीएम ने अफसरों को तत्काल एक्शन के निर्देश देते हुए बिना देर किए आरोपी को गिरफ्तार करने के निर्देश दिए है। सूत्रों की माने तो मुलाकात के दौरान पीड़िता और उसकी मां द्वारा अब तक दोषी के पुलिस की गिरफ्त से दूर होने की बात कही। आप बीती सुनने के बाद मुख्यमंत्री ने नाराजगी जताते हुए बिना देर किए कार्रवाई करने की बात कही। साथ ही पीड़ित को न्याय का भरोसा दिलाया। वहीं, पीड़िता की मुख्यमंत्री से मुलाकात करने की खबर जैसे ही कैंपस पहुंची। यहां भी माहौल गरमा गया। तमाम तरह की अटकलें लगाई जाने लगी। कुलपति के पक्ष में उतरा KGMU शिक्षक संघ वहीं, दूसरी तरफ धर्मांतरण के प्रयास मामले में हो रहे धरना-प्रदर्शन और पुतला फूंके जाने के बाद KGMU शिक्षक संघ कुलपति के पक्ष में उतर आया है। बुधवार को शिक्षक संघ की आपात बैठक हुई, जिसमें धरना-प्रदर्शन और कुलपति का पुतला फूंकने को राजनीति से प्रेरित और छवि धूमिल करने वाला बताया गया। KGMU शिक्षक संघ के महासचिव प्रो. संतोष कुमार की तरफ से विज्ञप्ति जारी कर बताया गया कि पैथोलॉजी विभाग में घटी घटना के बाद KGMU प्रशासन ने तुरंत विशाखा समिति से जांच कराकर रिपोर्ट महिला आयोग और शासन को भेज दी थी। KGMU प्रशासन ने आरोपी को निलंबित कर उसके परिसर में प्रवेश पर भी पाबंदी लगा दी है। जाहिर है कि KGMU प्रशासन ने तुरंत प्रभावी कदम उठाए। इसके बाद NMO जैसे संगठनों के समिति पर सवाल उठाए जाने पर उसमें बदलाव भी किया गया। जांच में साक्ष्य मंगाने के लिए एक ईमेल आईडी भी जारी की गई है। NMO की ओर से इस मामले में कोई सामग्री प्रस्तुत नहीं की गई है। वहीं, एक संगठन ने मंगलवार को लुलु मॉल के बाहर कुलपति का पुतला फूंका। बहुत जल्द जांच पूरी कर रिपोर्ट भेजी जाएगी KGMU प्रवक्ता डॉ. केके सिंह ने बताया कि कुलपति के आदेश पर पहले 5 सदस्यीय जांच टीम का गठन किया गया था। बाद में इस कमेटी में दो सदस्य और बढ़ाए गए थे। बुधवार को दोपहर बाद जांच टीम ने बैठक कर विभागीय डॉक्टरों से पूछताछ की है। सभी का ऑफिशियल बयान भी दर्ज किया गया है। जांच पूरी करके रिपोर्ट कुलपति को भेज दी जाएगी। विशेष समुदाय की अधिक तैनाती के आरोप निराधार डॉ. केके सिंह ने बताया कि हिन्दू संगठनों ने आरोप लगाया था कि आउटसोर्सिंग में विशेष समुदाय के लोगों की अधिक संख्या में तैनाती की गई। जांच में विश्वविद्यालय में तैनात कुल 3,995 आउटसोर्सिंग कर्मचारियों में केवल 289 अल्पसंख्यक समुदाय से हैं। पैथोलॉजी विभाग के 51 कर्मियों में से दो और पीओसीटी के 174 में से मात्र 25 अल्पसंख्यक हैं। धर्मांतरण के सबूत के लिए मेल आईडी किया था जारी प्रवक्ता ने बताया कि धर्मांतरण के प्रयास से जुड़ी किसी भी प्रकार की जानकारी के लिए KGMU प्रशासन ने factfindingcommittee@gmcindia.edu ईमेल आईडी जारी की है। इसमें KGMU के डॉक्टर, कर्मचारी व समाज के अन्य जागरूक लोग धर्मांतरण से जुड़ी किसी भी जानकारी, घटना अथवा सबूत ई-मेल करें। ———————— ये खबर भी पढ़िए… ‘लव जिहादी डॉक्टर को जमीन से भी निकाल लेंगे’ : KGMU प्रकरण में महिला आयोग सख्त, अध्यक्ष बोलीं- बचेगा नहीं, फरार है डॉक्टर KGMU में धर्मांतरण मामले को लेकर गठित जांच कमेटी ने कट्टरपंथी गतिविधियों की जांच शुरू कर दी है। कमेटी 7 दिन में अपनी रिपोर्ट कुलपति को सौंपेगी। उसी के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। दूसरी ओर लव जिहाद करने वाला रेजिडेंट डॉक्टर रमीजुद्दीन नायक उर्फ रमीज मलिक फरार है। (पूरी खबर पढ़िए)
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