हम सभी सर्दी-जुकाम को तब तक सीरियस नहीं लेते हैं, जब तक यह भयंकर रूप नहीं ले लेता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि वायरस के हमले के 24 से 48 घंटे पहले ही शरीर संकेत देने लगता है। जुकाम की शुरूआत में गले में हल्की खराश, निगलने में असुविधा आदि होने लगती है। वहीं ज्यादा थकान, शरीर में हल्का दर्द और बार-बार छींक आना शामिल है। हेल्थ एक्सपर्ट्स की मानें, यह ‘प्रोड्रोमल चरण’ होता है। ऐसे में आपका इम्यून सिस्टम वायरस से लड़ना शुरूकर देता है।
ऐसे में अगर आप शुरूआत में ही कुछ सही कदम उठा लेते हैं, तो बीमारी को गंभीर होने से रोका जा सकता है। इसके अलावा नाक के अंदरूनी हिस्से में खुजली या स्वाद या गंध कम होगा और आंखों में हल्की जलन भी इस ओर संकेत करता है कि आपका शरीर संक्रमण की चपेट में आ रहा है। ऐसे में आप इन संकेतों को पहचानकर पहले ही सर्दी-जुकाम से बचने के लिए कुछ प्रभावी तरीके अपना सकते हैं।
तुलसी और अदरक की चाय
अगर आपको गले में खराश महसूस होती है, तो आपको तुलसी और अदरक का काढ़ा या चाय का सेवन करना चाहिए। अदरक में जिंजरोल होता है, जोकि सूजन को कम करता है। वहीं तुलसी की पत्तियों में एंटी वायरल और एंटी बैक्टीरियल गुण पाए जाते हैं। पानी में अदरक और 5-7 तुलसी की पत्ती और काली मिर्च उबालकर इसका सेवन करने से शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता सक्रिय हो जाती है। वहीं इसका सेवन करने से वायरस का असर कम होने लगता है।
भाप और नमक के पानी के गरारे
नाक और गले के संक्रमण को रोकने के लिए आप नमक के गुनगुने पानी से गरारे कर सकते हैं। नमक का पानी गले के ऊतकों से वायरस और अतिरिक्त तरल को खींचकर बाहर निकलता है। वहीं रात को सोने से पहले सादे पानी की भाप लें। इससे श्वसन मार्ग नम रहता है और शुरूआती कफ नहीं जमता है। ऐसे में आपको सिरदर्द और साइनस की समस्या नहीं बढ़ती है।
शहद और दालचीनी है लाभकारी
आयुर्वेद में सर्दी-जुकाम के लिए दालचीनी और शहद को रामबाण बताया गया है। एक चम्मच शहद में आधा चम्मच दालचीनी पाउडर मिक्स करके इसका दिन में दो बार सेवन करें। शहद गले की झिल्ली को शांत करके खांसी को दबाता है और दालचीनी शरीर के अंदरूनी तापमान को बढ़ाती है और वायरस को पनपने से रोकती है। यह मिश्रण उन लोगों के लिए खासरूप से फायदेमंद है, जिनको जल्दी ठंड लगती है।
हाइड्रेशन और आराम है जरूरी
बता दें कि जब शरीर संक्रमण का संकेत देता है, तो शरीर को लड़ने के लिए ऊर्जा की जरूरत होती है। ऐसे में 7-8 घंटे अच्छी और गहरी नींद लें और खुद को हाइड्रेटेड रखें। सूप, नारियल पानी और गुनगुने पानी का सेवन करें, जिससे शरीर के टॉक्सिन्स बाहर निकल सकें। अगर आप शुरूआत के 24 घंटों में यह सावधानियां बरतते हैं, तो आप कमजोरी और दवाओं के खर्चों से बच सकती हैं।
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