संभल में ग्राम समाज की चार बीघा तालाब भूमि पर अवैध कब्जे को हटाने की कार्रवाई के दौरान विवाद खड़ा हो गया है। तहसीलदार ने भाजपा नेता के भाई कपिल सिंघल पर कब्जा करने का दावा किया, जिसे सिंघल ने खारिज कर दिया है। यह मामला संभल कोतवाली क्षेत्र के मुरादाबाद रोड स्थित शहजादी सराय का है। तहसीलदार संभल धीरेंद्र प्रताप सिंह ने शहर के मोहल्ला कोट पूर्वी सरथल चौकी निवासी कपिल सिंघल पर गाटा संख्या 304 में अवैध कब्जा करने का आरोप लगाया है। उन्होंने इस मामले में समाजवादी पार्टी के एक बड़े नेता से जुड़े आरिफ-हिलाल का भी जिक्र किया। कपिल सिंघल भाजपा पश्चिमी उत्तर प्रदेश के क्षेत्रीय उपाध्यक्ष राजेश सिंघल के छोटे भाई हैं। गाटा संख्या 304, जो कि राजस्व रिकॉर्ड में तालाब के रूप में दर्ज है, पर कब्जे के आरोप को कपिल सिंघल और उनके बेटे सार्थक सिंघल ने सिरे से खारिज कर दिया है। गुरुवार को सार्थक सिंघल ने बताया कि उनकी जमीन गाटा संख्या 303 में दर्ज है, जिसे उन्होंने बैनामा कराकर खरीदा है। उन्होंने तहसीलदार द्वारा गाटा संख्या 304 में अवैध कब्जे के दावे को “सरासर गलत” बताया और आरोप लगाया कि उन्हें राजनीतिक द्वेष के कारण बदनाम किया जा रहा है। सार्थक सिंघल के अनुसार तहसील प्रशासन ने गाटा संख्या 304 में पैमाइश की है, जिससे उनका कोई संबंध नहीं है। उनकी भूमि गाटा संख्या 303 है, जिसमें तहसील प्रशासन की ओर से कोई पैमाइश नहीं की गई है। गौरतलब है कि बुधवार को संभल कोतवाली क्षेत्र के गांव शहजादी सराय में गाटा संख्या 304 (रकबा 0.259 हेक्टेयर, लगभग चार बीघा) तालाब की भूमि पर अवैध कब्जा हटाने की कार्रवाई की गई थी। तहसीलदार धीरेंद्र प्रताप सिंह और नायब तहसीलदार बबलू कुमार के नेतृत्व में हुई इस कार्रवाई में नगर पालिका परिषद संभल की जेसीबी मशीन से नींव की खुदाई की गई। इस कार्रवाई के लिए राजस्व निरीक्षक पंकज गुप्ता के नेतृत्व में छह लेखपालों की एक टीम गठित की गई थी। इस टीम में स्पर्श गुप्ता, सचिन गुप्ता, नितिन शर्मा, सुभाष चंद्र, गन्नू बाबू और शहराज उस्मानी शामिल थे।
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