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गोंडा बंदोबस्त चकबंदी अधिकारी पर किसानों ने लगाए गंभीर आरोप:नक्शे में बदलाव कर सड़क किनारे की जमीन दूसरे को दी, जांच के दिए गए आदेश

गोंडा में चकबंदी प्रक्रिया के दौरान बड़े पैमाने पर धांधली और भ्रष्टाचार का आरोप सामने आया है। तहसील तरबगंज के ग्राम बौरिहा के किसानों हनुमान प्रसाद, प्रभुनाथ, रघुनाथ और ननकू ने बंदोबस्त अधिकारी चकबंदी (एसओसी) पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने गोंडा के जिलाधिकारी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र भेजकर मामले की उच्च स्तरीय जांच और कानूनी कार्रवाई की मांग की है। शिकायतकर्ता किसानों का आरोप है कि ग्राम बौरिहा परगना महादेवा के गाटा संख्या-1059/64 में चकबंदी प्रक्रिया चल रही है। यह गाटा लगभग 1000 बीघे का है, जिसमें अधिकांश किसान पट्टेदार हैं। चकबंदी के शुरुआती दौर में ही किसानों के कब्जे वाले स्थान के नक्शे में बदलाव कर दिया गया। किसानों का आरोप है कि बंदोबस्त अधिकारी चकबंदी, गोंडा ने कथित तौर पर अवैध धन उगाही (रिश्वत) कर नियमों को ताक पर रख दिया। आरोप के मुताबिक, अधिकारी ने चंद्र प्रकाश (पुत्र शिव प्रसाद) नामक एक व्यक्ति को अनुचित लाभ पहुंचाने के लिए उसे मुख्य सड़क के किनारे की बेशकीमती ‘व्यावसायिक भूमि’ आवंटित कर दी। प्रार्थना पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि पूर्व में हनुमान मिश्रा, रघुनाथ, प्रभुनाथ और ननकू जैसे किसानों के चक सड़क से जुड़े हुए थे। लेकिन चंद्र प्रकाश द्वारा की गई एक अपील पर सुनवाई करते हुए, बंदोबस्त अधिकारी ने चकबंदी अधिनियम के विरुद्ध जाकर इन किसानों को सड़क से पूरी तरह हटा दिया। किसानों का कहना है कि सड़क किनारे की पूरी व्यावसायिक जमीन एक ही व्यक्ति (चंद्र प्रकाश) को दे दी गई है। पुराने कब्जाधारकों को सड़क से हटाकर पीछे धकेल दिया गया, जिससे उनके आर्थिक हितों पर सीधा प्रहार हुआ है। किसानों ने इस पूरी प्रक्रिया में भारी अनियमितता बरतने का आरोप लगाया है। पीड़ित किसानों ने जिलाधिकारी और मुख्यमंत्री को भेजे गए पत्र में स्पष्ट कहा है कि यह पूरा खेल भ्रष्टाचार और धन उगाही के कारण हुआ है। उन्होंने मामले में निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। किसानों ने मांग की है कि इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप किया जाए, दोषियों के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की जाए और गलत ढंग से किए गए चक आवंटन को निरस्त कर किसानों को उनका हक वापस दिलाया जाए। पत्र पर हनुमान प्रसाद, प्रभुनाथ, रघुनाथ और ननकू के हस्ताक्षर एवं अंगूठे के निशान मौजूद हैं। अब देखना यह है कि प्रशासन इस गंभीर शिकायत पर क्या कदम उठाता है। पूरे मामले को लेकर की तरफ गांधी एसडीएम विश्वामित्र सिंह ने बताया कि पूरे मामले को लेकर के जांच कराई जा रही है जो भी आरोप लगाए गए हैं अगर आरोप सही पाए जाएंगे तो उसके हिसाब से कार्रवाई की जाएगी। बंदोबस्त अधिकारी चकबंदी से बात की गई है उन्होंने बताया कि मेरे द्वारा कोई भी गलत तरीके से काम नहीं किया गया है। जो भी नियम था उसी के हिसाब से किया गया है लेकिन फिर भी किसानों की शिकायत को संज्ञान में लेकर के जांच कराई जा रही है।


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