बदायूं एचपीसीएल मामले के मुख्य आरोपी अजय प्रताप के पैर का जल्द ऑपरेशन होगा। पुलिस एनकाउंटर के दौरान लगी गोली अभी भी उसके पैर में फंसी हुई है। अजय ने जेल प्रशासन को पैर में तेज दर्द की शिकायत की है, जिसके बाद उसका इलाज शुरू कर दिया गया है। दोहरे हत्याकांड को अंजाम देने के बाद अजय तमंचा लेकर सीधे थाने पहुंचा था। उसने वारदात में इस्तेमाल हुए तमंचे को पहले ही छिपा दिया था और पुलिस को दूसरा तमंचा सौंपा था। उसका मकसद था कि फॉरेंसिक जांच में गलत तमंचा निकलने पर वह मामले से बच जाएगा। हालांकि, पुलिस ने जब तमंचे की जांच की तो उसमें गनपाउडर की गंध नहीं मिली, जिससे स्पष्ट हो गया कि उससे गोली नहीं चली थी। गहन पूछताछ में अजय ने कबूल किया कि उसने असली तमंचा दूसरी जगह छिपा दिया है। पुलिस के अनुसार, असली तमंचे को बरामद करने के लिए अजय को बताई गई जगह पर ले जाया गया। वहां उसने लोडेड तमंचा निकालकर पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने उसकी दोनों टांगों में गोली मार दी। एनकाउंटर के बाद अजय का इलाज जिला अस्पताल में कराया गया और फिर उसे जेल भेज दिया गया। जेल अस्पताल में शिफ्ट होने के बाद से वह बिस्तर पर है। पैर में फंसी गोली नहीं निकाले जाने के कारण उसे लगातार दर्द हो रहा है। जेलर कुंवर रणंजय सिंह ने बताया कि अजय को डॉक्टरों की निगरानी में रखा गया है। घाव भरने के बाद ही सर्जरी संभव होगी। डॉक्टरों की सलाह पर ऑपरेशन कर गोली निकाली जाएगी।

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