समस्तीपुर| वर्ष 2025 जिले के विकास इतिहास में एक निर्णायक मोड़ बनकर उभरा है। यह साल केवल योजनाओं की घोषणा तक सीमित नहीं रहा, बल्कि धरातल पर उतरती परियोजनाओं, मशीनों की गूंज और भविष्य की चमकती सड़कों का साक्षी बना। जिले को एक साथ दो महत्त्वपूर्ण एक्सप्रेस-वे पटना-पूर्णियां एक्सप्रेस-वे और रक्सौल-हल्दिया एक्सप्रेस-वे की सौगात मिलना किसी बड़ी उपलब्धि से कम नहीं है। दोनों परियोजनाओं के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और जल्द ही निर्माण कार्य आरंभ होने की उम्मीद है। केवल एक्सप्रेस-वे ही नहीं, बल्कि आमस-दरभंगा फोरलेन और मुक्तापुर रेलवे गुमटी तक फोरलेन सड़क जैसी परियोजनाएं जिले को सड़क नेटवर्क से जोड़ने की दिशा में मील का पत्थर साबित होंगी। इन सड़कों पर काम शुरू हो चुका है और तय समयसीमा के अनुसार वर्ष 2027 तक चालू हो जाएगा । ये मार्ग न केवल यात्रा को तेज करेंगे, बल्कि विकास की नई धारा भी बहाएंगे। गंडक नदी पर विशनपुर-हकीमाबाद के पास राजघाट पुल का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है। वहीं, बूढ़ी गंडक नदी पर 74 वर्ष पुराने लोहे के पुल की जगह अब एक आधुनिक और मजबूत नए पुल का निर्माण किया जा रहा है। ये पुल केवल कंक्रीट और लोहे की संरचना नहीं, बल्कि वर्षों से प्रतीक्षित सपनों का मूर्त रूप हैं, जो ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों को मजबूती से जोड़ेंगे। आरओबी से जाम को मिलेगी मुक्ति अधिसूचना जारी काफी मशक्कत और इंतजार के बाद भोला टॉकीज गुमटी पर आरओबी का निर्माण कार्य शुरू हो जाना जिले के लिए बड़ी राहत लेकर आया है। इसके साथ ही मुक्तापुर रेलवे गुमटी पर आरओबी के निर्माण हेतु एनएचएआई द्वारा भूमि अधिग्रहण की अधिसूचना जारी कर दी गई है। इन परियोजनाओं से शहर को जाम की समस्या से निजात मिलेगी और रोजमर्रा की आवाजाही सुगम होगी। आने जाने में परेशानी नहीं होगी। ताजपुर-बख्तियारपुर फोरलेन सुविधा यह कि उत्तर-दक्षिण बिहार की जीवनरेखा है ताजपुर-बख्तियारपुर फोरलेन बिहार की सबसे महत्त्वपूर्ण सड़क परियोजनाओं में से एक मानी जा रही है। यह एनएच-28 (ताजपुर) को एनएच-31 (बख्तियारपुर) से जोड़ती है। इसके निर्माण से उत्तर और दक्षिण बिहार के बीच की दूरी काफी कम होगी। परियोजना तेज गति से पूरी हो रही है और उम्मीद है कि 2026 में इसका उद्घाटन हो जाएगा।इस फोरलेन के चालू होने से महात्मा गांधी सेतु और राजेंद्रपुल पर यातायात का दबाव कम होगा। समस्तीपुर, मुजफ्फरपुर और बेगूसराय सीधे पटना और दक्षिण बिहार से जुड़ जाएंगे। स्थानीय लोगों को पटना, गया, नवादा जैसे शहरों तक पहुंचने में कम समय लगेगा और जाम की समस्या अतीत बन जाएगी। लोगों का मानना है कि ताजपुर–बख्तियारपुर फोरलेन के बन जाने से क्षेत्र की आर्थिक उन्नति को नई गति मिलेगी। किसानों को अपने कृषि उत्पाद बाढ़, बख्तियारपुर सहित अन्य बड़े बाजारों तक पहुंचाने में सहूलियत होगी। इसके साथ ही कृषि आधारित उद्योगों और नए रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे।बीते 4 दिसंबर को बिहार सरकार के मुख्य सचिव प्रत्यय ने निर्माणाधीन ताजपुर–बख्तियारपुर फोरलेन का निरीक्षण किया और संबंधित पदाधिकारियों के साथ समीक्षात्मक बैठक कर कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए। इसका असर अब जमीनी स्तर पर दिखने लगा है। इसके पूरी तरह चालू हो जाने से बख्तियारपुर जाने के लिए पटना जाना नहीं पड़ेगा।
https://ift.tt/BpN1yKu
🔗 Source:
Visit Original Article
📰 Curated by:
DNI News Live

Leave a Reply