गोरखपुर में मुख्य विकास अधिकारी की अध्यक्षता में जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में स्वास्थ्य विभाग की योजनाओं और कार्यक्रमों की प्रगति की विस्तार से समीक्षा करते हुए सेवाओं को मजबूत और प्रभावी बनाने के लिए स्पष्ट निर्देश दिए गए। बैठक में निर्देश दिया गया कि सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र (CHC) और प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र (PHC) पर उपलब्ध न होने वाली जांचों के नमूनों को सैंपल ट्रांसपोर्टेशन व्यवस्था के जरिए उच्च संस्थानों तक भेजा जाए। इससे दूर-दराज के मरीजों को भी समय पर जांच की सुविधा मिल सकेगी और अनावश्यक भागदौड़ कम होगी। एम्बुलेंस सेवा मजबूत रखने पर जोर मुख्य विकास अधिकारी ने एम्बुलेंस सेवाओं को हर हाल में सुचारु और सक्रिय बनाए रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मरीजों को समय पर अस्पताल पहुंचाना प्राथमिकता होनी चाहिए, इसमें किसी भी तरह की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। बैठक में सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को अस्पतालों में नियमित रूप से उपस्थित रहने के निर्देश दिए गए। अस्पतालों की साफ-सफाई, रखरखाव और व्यवस्था को बेहतर रखने पर विशेष जोर दिया गया, ताकि मरीजों को बेहतर और सुरक्षित वातावरण मिल सके। सरकारी अस्पतालों में प्रसव बढ़ाने के निर्देश जननी सुरक्षा योजना के तहत अधिक से अधिक प्रसव सरकारी स्वास्थ्य इकाइयों पर कराने के निर्देश दिए गए। साथ ही ऑपरेशन थिएटर और प्रसव कक्षों में संक्रमण से बचाव के सभी मानकों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने को कहा गया। बैठक में निर्देश दिया गया कि ज्यादा से ज्यादा लोगों का आभा ID और आयुष्मान कार्ड बनाया जाए। सभी आयुष्मान आरोग्य मंदिरों पर आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने और टेली कंसल्टेशन के माध्यम से मरीजों को विशेषज्ञ डॉक्टरों से जोड़ने पर भी जोर दिया गया। बच्चों के इलाज और संचारी रोग अभियान की तैयारी राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत चिन्हित बच्चों को समय पर उच्च स्तर के उपचार के लिए भेजने के निर्देश दिए गए। साथ ही 1 अप्रैल से शुरू होने वाले संचारी रोग नियंत्रण और दस्तक अभियान को पूरी तैयारी और प्रभावी तरीके से चलाने पर जोर दिया गया। जनपद के पुर्दिलपुर में दूसरे सिटी पॉली क्लीनिक के शुरू होने पर संबंधित टीम को बधाई दी गई। यूपी हेल्थ डैशबोर्ड में गोरखपुर के छठे स्थान पर रहने पर संतोष जताते हुए इसे और बेहतर करने के निर्देश दिए गए। समय से खर्च हो बजट, लापरवाही न हो वित्तीय वर्ष की समाप्ति को देखते हुए सभी अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि उपलब्ध धनराशि का नियमानुसार और समय से उपयोग सुनिश्चित किया जाए, ताकि किसी भी योजना में बाधा न आए। बैठक में मुख्य चिकित्सा अधिकारी, जिला चिकित्सालय और महिला चिकित्सालय के प्रमुख अधीक्षक, सभी अधीक्षक, आईसीडीएस के जिला कार्यक्रम अधिकारी, प्रभारी चिकित्सा अधिकारी, एनएचएम के जिला कार्यक्रम प्रबंधक, कंसल्टेंट, बीपीएम और विभिन्न सहयोगी संस्थाओं के प्रतिनिधि मौजूद रहे।

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