इंटरनेशनल ट्रांसजेंडर डे के अवसर पर संगम नगरी प्रयागराज में किन्नर समाज ने प्रयाग क्यूर प्राइड जागरूकता रैली निकालकर अपने अधिकारों और सम्मान की आवाज बुलंद की। किन्नर अखाड़े की महामंडलेश्वर एवं यूपी किन्नर कल्याण बोर्ड की वरिष्ठ सदस्य स्वामी कौशल्यानंद गिरि उर्फ टीना मां के नेतृत्व में बड़ी संख्या में किन्नर सजे-धजे रूप में हाथों में पोस्टर और बैनर लेकर सड़कों पर उतरे। रैली की शुरुआत सुभाष चौराहे से हुई, जहां से किन्नर समाज के लोगों ने शहर के विभिन्न मार्गों पर भ्रमण करते हुए लोगों को ट्रांसजेंडर समुदाय के अधिकारों के प्रति जागरूक किया। इस दौरान किन्नरों ने एक-दूसरे को इंटरनेशनल ट्रांसजेंडर डे की बधाई दी और समाज में समानता और सम्मान की मांग उठाई। इस मौके पर स्वामी कौशल्यानंद गिरि उर्फ टीना मां ने कहा कि किन्नर भी पुरुषों और महिलाओं की तरह ही जन्म लेते हैं, इसलिए समाज को उनका तिरस्कार नहीं, बल्कि उन्हें अपनाना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि किन्नर समाज को दया नहीं, बल्कि अवसर की आवश्यकता है। यदि उन्हें उचित अवसर मिले तो वे भी समाज के विकास में पुरुषों और महिलाओं की तरह महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं। टीना मां ने आगे कहा कि भले ही ईश्वर ने उन्हें शारीरिक रूप से अलग बनाया हो, लेकिन उनका मानसिक विकास किसी भी सामान्य व्यक्ति की तरह ही होता है। उन्होंने किन्नर समाज को लैंगिक असमानता से पीड़ित बताते हुए कहा कि उनके जीवन स्तर में सुधार के लिए सामाजिक सोच में बदलाव जरूरी है। रैली के दौरान किन्नर समाज के लोगों ने “आई एम गे, दैट्स ओके” और “आई एम लेस्बियन, दैट्स ओके” जैसे नारे लगाकर अपने अस्तित्व और पहचान को स्वीकारने का संदेश दिया। कई किन्नर दुल्हन के परिधान में नजर आए और उन्होंने शादी करने के अधिकार की भी मांग उठाई। अंत में टीना मां ने भावुक अपील करते हुए कहा कि ट्रांसजेंडर बच्चे भी समाज का अभिन्न हिस्सा हैं, इसलिए उनके पालन-पोषण और विकास में समाज को आगे आना चाहिए, ताकि वे भी सम्मानपूर्वक जीवन जी सकें।

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