लोक आस्था के महापर्व छठ को लेकर भोजपुर जिले में श्रद्धा और उत्साह का माहौल है। नहाय-खाय के साथ चार दिवसीय पर्व की शुरुआत हो गई है। छठ को लेकर आरा का बाजार पूरी तरह छठमय हो गया है। शहर के आरा बाजार समिति, गोपाली चौंक, सब्जी मंडी, और गोला रोड इलाके में रविवार को खरीदारी को लेकर भारी भीड़ उमड़ पड़ी। छठ व्रत में प्रयुक्त होने वाले फलों में सेव, केला, नारियल, संतरा, मौसमी, अमरूद और गन्ना की खरीदारी को लेकर बाजारों में काफी भीड़ देखी जा रही है। महिलाएं और परिवार के सदस्य पूजा की थाली और सूप-डालों के साथ बाजारों में फलों की खरीदारी में जुटे रहे। देर शाम फलों की दुकानों में बढ़ी भीड़ दुकानदारों ने बताया कि सुबह से लेकर देर शाम तक ग्राहक लगातार उमड़ रहे हैं, जिससे बाजार की रौनक देखते ही बन रही है। इस बार दूसरे राज्यों महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश और आंध्र प्रदेश से फलों की आमद अपेक्षाकृत कम हुई है। परिवहन लागत बढ़ने और मौसम की अनुकूलता न होने के कारण व्यापारी कम मात्रा में माल मंगा पाए हैं। इसका सीधा असर खुदरा बाजार पर पड़ा है। आरा बाजार समिति में फलों के रेट पर एक नजर पिछले साल के मुकाबले नहीं सज पाया मार्केट बाजार समिति के अध्यक्ष रमेश चंद्र पांडेय ने बताया कि छठ महापर्व को लेकर मार्केट सज कर चुका है। तीन तक होल सेल का व्यापार होता है। दो दिन खुदरा व्यापारी आम ग्राहकों के लिए बाजार सजाते है। लेकिन इस बार जगह के अभाव में पिछले साल के मुताबिक इस साल नहीं सज पाई है। व्यापारियों के द्वारा जितना भी पैसा सप्लायर को दिया गया था। 70% के रेसियों में बाहर से माल आया हुआ है। जिसके कारण फलों का रेट काफी तेज है। केला न्यूनतम मूल्य 300 से 1200 तक है। फल व्यापारी मोहम्मद जुबेर ने बताया कि इस बार बाजार समिति के हटने के कारण फलों के आवागमन में कमी हो गई है। जिसके कारण फलों की कीमत में तेजी आ गई है। इस बार बे मौसम बरसात के कारण भी दूसरे राज्यों से फल कम आया है। इस बार आम लोगों के जेब पर भी खासा असर देखने को मिल रहा है। ग्राहक बोले- फलों के दाम में पिछले साल के मुकाबले बढ़ोतरी फल खरीदने आए ग्राहक ने बताया कि पिछले साल के मुताबिक इस साल फल काफी महंगा हुआ है। हम लोग 20 किलोमीटर दूर से कुछ पैसा बचाने के लिए बाजार समिति में खरीदारी करने के लिए आए हैं। लेकिन कोई खास असर नहीं है, फलों का रेट महंगा है। महिला छठ व्रती सुलेखा देवी ने कहा कि इस बार चुनाव के कारण हम लोग का मार्केट बाजार समिति से हटकर दूसरे जगह आने के कारण काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। पिछले साल से फल महंगा है। पिछले बार हमने से 5 किलो खरीदा था लेकिन मांगा होने के कारण इस बार सोचना पड़ रहा है। मोदी जी के राज्य में बहुत असर पड़ रहा है। शहर की गलियों और मोहल्लों में पूजा सामग्री की दुकानें सज चुकी हैं। बांस के सूप, डालियां, डूबानियां, मिट्टी के दीये, कलश और कपड़े की बिक्री भी जोरों पर है। चारों ओर “छठी मइया के गीत” गूंज रहे हैं। गंगा घाटों की सफाई व सजावट का काम भी अंतिम चरण में है।
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