प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के डिजिटल इंडिया अभियान के तहत देशभर में बिजली व्यवस्था को आधुनिक बनाने के लिए स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगाए जा रहे हैं। इसी क्रम में उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जोन में भी यह अभियान तेजी से आगे बढ़ रहा है। प्रयागराज क्षेत्र में अब तक 44 हजार से अधिक उपभोक्ताओं के पुराने बिजली मीटर हटाकर स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगाए जा चुके हैं। विभाग के चीफ इंजीनियर राजेश कुमार ने बताया कि पूरे जोन में लगभग 3 लाख उपभोक्ता हैं, जिनमें 80 प्रतिशत घरेलू और 20 प्रतिशत व्यावसायिक उपभोक्ता शामिल हैं। चीफ इंजीनियर राजेश कुमार ने जानकारी दी कि अगले छह महीनों में सभी पुराने मीटरों को बदलकर स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगाने का लक्ष्य है। इस कार्य की जिम्मेदारी जीएमआर कंपनी को सौंपी गई है और काम तेजी से जारी है। तकनीकी मानकों के अनुसार, 5 किलोवाट से कम लोड वाले उपभोक्ताओं के लिए सिंगल फेज मीटर और 5 किलोवाट या उससे अधिक लोड वाले उपभोक्ताओं के लिए थ्री फेज मीटर लगाए जा रहे हैं। औद्योगिक इकाइयों के लिए अलग श्रेणी के मीटरों का उपयोग किया जा रहा है। राजेश कुमार ने उपभोक्ताओं से अभियान में सहयोग की अपील की। उन्होंने बताया कि स्मार्ट प्रीपेड मीटर से बिजली उपभोग में पूरी पारदर्शिता आएगी। उपभोक्ता अपने मोबाइल के माध्यम से प्रतिदिन बिजली की खपत और शेष बैलेंस की जानकारी प्राप्त कर सकेंगे, साथ ही ऑनलाइन रिचार्ज की सुविधा भी उपलब्ध होगी। कुछ उपभोक्ताओं द्वारा मीटर तेज चलने की शिकायतों को देखते हुए, विभाग ने लगभग 5 प्रतिशत घरों में पुराने और नए मीटर को साथ लगाकर यूनिट की तुलना करने का निर्णय लिया है। इसका उद्देश्य किसी भी प्रकार की त्रुटि की जांच करना है। जो उपभोक्ता ऑनलाइन रिचार्ज करने में सक्षम नहीं हैं, उनके लिए विभागीय काउंटर पर रिचार्ज की सुविधा भी जारी रहेगी।

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