सहारनपुर के नकुड़ से भाजपा विधायक मुकेश चौधरी ने अपने चार साल के कार्यकाल को लेकर बड़े दावे किए हैं। उन्होंने कहा कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में सबसे ज्यादा विकास कार्य उनके विधानसभा क्षेत्र में हुए हैं। साथ ही 2027 के विधानसभा चुनाव में फिर से दावेदारी करने की बात भी कही। दैनिक भास्कर से खास बातचीत में विधायक ने विकास कार्यों, अधूरे प्रोजेक्ट, मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण (SIR) और विपक्ष के आरोपों पर खुलकर अपनी बात रखी। पढ़िए सवाल-जवाब: सवाल: चार साल में अपने विधानसभा क्षेत्र में क्या काम किए?
जवाब: पिछले चार वर्षों में हमने सिर्फ राजनीति नहीं की, बल्कि लोगों के सुख-दुख में शामिल होकर काम किया है। क्षेत्र में खेती से जुड़े कई विकास कार्य कराए गए हैं और सामाजिक भाईचारा मजबूत करने की कोशिश की गई है। युवाओं के लिए कई लाइब्रेरी बनवाई गई हैं और खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने के लिए मिनी स्टेडियम की सुविधा दी गई है। इसके अलावा लंबे समय से अटके पुल निर्माण के काम को भी आगे बढ़ाया गया। सवाल: आपके क्षेत्र में अभी कौन सा बड़ा प्रोजेक्ट चल रहा है?
जवाब: सोनाबाद और अलनपुर के बीच बनने वाला पुल क्षेत्र की बड़ी जरूरत था। इसका निर्माण लगभग पूरा हो चुका है और जल्द ही उद्घाटन किया जाएगा। उम्मीद है कि जून तक पुल पूरी तरह तैयार हो जाएगा। इसके अलावा कई मुख्य सड़कों का चौड़ीकरण कराया गया है और गांवों को जोड़ने के लिए नई सड़कें व सीसी रोड भी बनवाई गई हैं। सवाल: अपने चार साल के काम को 10 में से कितने नंबर देंगे?
जवाब: इसका फैसला जनता को करना चाहिए। मेरे क्षेत्र के लोग ही तय करेंगे कि मैंने कितना काम किया और मुझे कितने अंक मिलने चाहिए। सवाल: ऐसा कौन सा काम है जो अभी तक पूरा नहीं हो पाया?
जवाब: पांच साल में कोई भी विधायक क्षेत्र की सभी समस्याओं को पूरी तरह खत्म नहीं कर सकता। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में सबसे ज्यादा विकास हमारे क्षेत्र में हुआ है, लेकिन लोगों की मांगें लगातार बढ़ती रहती हैं। जो काम अभी बाकी हैं, उन्हें अगले कार्यकाल में प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाएगा। सवाल: मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण (SIR) को लेकर विपक्ष सवाल उठा रहा है, आप क्या कहेंगे?
जवाब: समाजवादी पार्टी और उसके नेताओं को देश की संवैधानिक व्यवस्था पर भरोसा नहीं है। निर्वाचन आयोग ने पूरी पारदर्शिता के साथ काम किया है। जिन लोगों की मृत्यु हो चुकी थी, जो कहीं और शिफ्ट हो गए थे या जिनके नाम दो जगह दर्ज थे, उन्हें सूची से हटाया गया है। सवाल: यह भी कहा जा रहा है कि SIR से भाजपा को नुकसान हो सकता है?
जवाब: पहले कुछ क्षेत्रों में 100 प्रतिशत मतदान दिखाया जाता था, जो व्यवहारिक रूप से संभव नहीं है। 2017 से पहले उत्तर प्रदेश में वोटों की लूट और बूथ कैप्चरिंग आम बात थी। अब चुनाव प्रक्रिया पारदर्शी हो गई है, इसलिए विपक्ष भ्रम फैलाने की कोशिश कर रहा है। सवाल: क्या 2027 के चुनाव में भी आपकी दावेदारी रहेगी?
जवाब: मेरी दावेदारी निश्चित रूप से रहेगी। उम्मीद है कि पार्टी नेतृत्व मुझे फिर से टिकट देगा। मां भगवती के आशीर्वाद और संगठन के शीर्ष नेतृत्व के समर्थन से मुझे फिर मौका मिलेगा और मैं दोबारा जीतकर विधानसभा पहुंचूंगा।

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