उन्नाव रेलवे स्टेशन पर तैनात स्टेशन अधीक्षक त्रिभुवन जोशी को रेलवे प्रशासन ने निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई प्रशासनिक आधार पर की गई है, जिसमें ड्यूटी के दौरान गैरहाजिरी, स्टेशन का चार्ज न सौंपने और कर्मचारियों की लगातार मिल रही शिकायतों को गंभीरता से लिया गया। जानकारी के अनुसार, हाल ही में मंडल रेल प्रबंधक (डीआरएम) के निरीक्षण के दौरान स्टेशन अधीक्षक त्रिभुवन जोशी स्टेशन पर मौजूद नहीं पाए गए थे। रेलवे प्रशासन ने जिम्मेदार अधिकारी की अनुपस्थिति को गंभीर लापरवाही माना। इस मामले की रिपोर्ट मंडल कार्यालय भेजी गई, जिसके बाद पूरे प्रकरण की समीक्षा की गई। रेलवे सूत्रों के मुताबिक, स्टेशन अधीक्षक का स्थानांतरण पहले ही दूसरे स्टेशन पर कर दिया गया था। इसके बावजूद, उन्होंने उन्नाव जंक्शन का विधिवत चार्ज नए अधिकारी को नहीं सौंपा। प्रशासनिक प्रक्रिया का पालन न करने को भी कार्रवाई का एक प्रमुख कारण माना गया है, जिससे स्टेशन के कार्य संचालन पर असर पड़ा था। इसके अतिरिक्त, स्टेशन के कई कर्मचारियों ने भी डीआरएम कार्यालय में लिखित शिकायतें भेजी थीं। इन शिकायतों में अधीक्षक की कार्यशैली और व्यवहार को लेकर नाराजगी जताई गई थी। कर्मचारियों का आरोप था कि कार्यस्थल पर समन्वय की कमी और प्रशासनिक निर्णयों में पारदर्शिता का अभाव था, जिससे कार्य व्यवस्था प्रभावित हो रही थी। रेलवे प्रशासन ने सभी शिकायतों और निरीक्षण रिपोर्ट को संज्ञान में लेकर जांच के बाद निलंबन की कार्रवाई की।
उत्तर रेलवे लखनऊ मंडल के सीनियर डीसीएम कुलदीप तिवारी ने इस कार्रवाई की पुष्टि की। उन्होंने बताया कि स्टेशन अधीक्षक को प्रशासनिक आधार पर निलंबित किया गया है और विभागीय नियमों के तहत आगे की जांच प्रक्रिया जारी रहेगी। इस कार्रवाई को रेलवे विभाग में अनुशासन और जवाबदेही को लेकर एक सख्त संदेश माना जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि यात्रियों की सुविधा और रेलवे संचालन की सुचारु व्यवस्था बनाए रखने के लिए जिम्मेदार पदों पर तैनात अधिकारियों की जवाबदेही तय करना आवश्यक है। रेलवे प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि कार्य में लापरवाही या नियमों की अनदेखी किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

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