जौनपुर की एक जिला अदालत ने गैर इरादतन हत्या के मामले में मुख्य आरोपी प्रमोद कुमार गौतम को पांच साल कारावास की सजा सुनाई है। प्रमोद पर 26 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। अदालत ने आदेश दिया कि अर्थदंड का भुगतान न होने पर छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। इसी मामले में दोषी प्रमोद के पिता प्रेमनाथ को एक वर्ष कारावास और 1,002 रुपये का अर्थदंड सुनाया गया। अदालत ने यह भी कहा कि अर्थदंड की कुल राशि में से 20 हजार रुपये मृतक लालमनी के दो घायल बेटों को दिए जाएँ। यह घटना 27 मई 2022 को सिकरारा के बाकी बथुआ गांव में हुई थी। मृतक लालमनी के बेटे राकेश गौतम ने सिकरारा थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। वादी परिवार में राकेश, उनके भाई राजेश, दीपक, पिता लालमनी, मां राजकुमारी और सुनीता शामिल थे। वे अपने ससुराल प्रमोद के घर पहुंचे, जहां एक पंचायत चल रही थी। पंचायत में कहासुनी और हत्या पंचायत के दौरान कहासुनी बढ़ गई। आरोप है कि प्रमोद ने लालमनी के सिर पर खटिया की पायी से हमला कर दिया। इस हमले में लालमनी गंभीर रूप से घायल हो गए और परिवार के अन्य सदस्य भी चोटिल हुए। उन्हें तत्काल जिला चिकित्सालय ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने लालमनी को मृत घोषित कर दिया। जांच और अदालत की कार्रवाई पुलिस ने मामले की जांच के बाद चार्जशीट दाखिल की थी। सरकारी वकील लाल बहादुर पाल ने गवाहों का परीक्षण कराया। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद जिला न्यायाधीश सुशील कुमार शशि ने प्रमोद और उसके पिता को दोषी ठहराते हुए यह फैसला सुनाया।

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