मुरादाबाद में भाजपा मेयर विनोद अग्रवाल और BJP नेता अमित चौधरी की बाउंड्री पर बुलडोजर चलने के बाद उठा बवंडर थमने का नाम नहीं ले रहा है। अब इस मामले में शहर विधायक रितेश गुप्ता की एंट्री हुई है। शहर विधायक ने प्रशासन की कार्रवाई को जायज ठहराते हुए बगैर मेयर का नाम लिए सरकारी जमीन पर बाउंड्री बनाने वालों के खिलाफ भू माफिया के तहत एक्शन लेने की मांग जिला प्रशासन से की है। शहर विधायक ने कहा कि, इस मामले में सरकार की स्पष्ट नीति है। जो भी सरकारी जमीनों पर कब्जा करके उसके खिलाफ भू माफिया के तहत एक्शन हो, चाहे वह किसी संवैधानिक पद पर बैठा व्यक्ति ही क्यों न हो।
इसके साथ ही शहर विधायक ने एक चिट्ठी मंडलायुक्त आन्जनेय सिंह को भी भेजी है। इस चिट्ठी में शहर विधायक ने कहा है कि प्रशासन ने नगर विधानसभा क्षेत्र में सीएम मॉडल कंपोजिट स्कूल बनाए जाने के लिए भूमि चिन्हित की है। लेकिन कुछ भू माफिया शौकीन, चांद बाबू, मोहम्मद शाह उमाद आदि इस जमीन को और इसके आसपास की दूसरी सरकारी जमीनों को खुर्दबुर्द कर रहे हैं। बता दें कि 12 मार्च को जिला प्रशासन ने नेशनल हाईवे बाईपास पर पुराने टोल प्लाजा के पास हाईवे किनारे धीमरी गांव के रकबे में बनी मेयर विनोद अग्रवाल और भाजपा नेता अमित चौधरी की बाउंड्रियों को ध्वस्त कर दिया था। दोनों बाउंड्री करीब 20 बीघा जमीन को कवर रही थीं। प्रशासन की जांच में पता चला कि यह सरकारी जमीन थी, जो मुख्यमंत्री के ड्रीम प्रोजेक्ट सीएम मॉडल कंपोजिट स्कूल के लिए रिजर्व की गई थी। लेकिन मेयर विनोद अग्रवाल और भाजपा नेता अमित चौधरी ने यहां बाउंड्री बनाकर इस जमीन पर अवैध रूप से कब्जा कर रखा था। पढ़िए शहर विधायक रितेश गुप्ता का कमिश्नर आन्जनेय सिंह को लिखा गया पत्र-
डीएम ने दोबारा जांच कराई तो भी सरकारी निकली जमीन
12 मार्च को बाउंड्री ध्वस्त किए जाने के बाद भाजपा नेता अमित चौधरी ने तो कोई रिएक्शन नहीं दिया लेकिन भाजपा मेयर विनोद अग्रवाल आगबबूला हो गए थे। मेयर ने कहा था कि उन्होंने 10 साल पहले यह जमीन आजाद समाज पार्टी के नेता हाजी चांद बाबू से खरीदी थी। मेयर ने जमीन के सरकारी नहीं होने का दावा किया था। मेयर के शिकायतें करने के बाद अगले दिन डीएम अनुज सिंह ने खुद मौके पर खड़े होकर दोबारा से पैमाइश कराई थी। दोबारा कराई गई पैमाइश में भी यही बात साबित हुई कि जिस जमीन पर मेयर विनोद अग्रवाल और BJP नेता अमित चौधरी ने बाउंड्री बना रखी है वह सरकारी है। इधर, शहर विधायक के पत्र पर मेयर विनोद अग्रवाल ने मीडिया से कहा है कि उन्हें ऐसे किसी पत्र के बारे में काेई जानकारी नहीं है। उन्होंने कहा कि वह सिर्फ अपनी जमीन चाहते हैं, बाकी किसी बात से उन्हें मतलब नहीं है।

Leave a Reply