प्रयागराज की कोरांव विधानसभा सीट से भाजपा विधायक राजमणि कोल ने अपने चार साल के कार्यकाल को विकास, शिक्षा और किसानों के मुद्दों पर केंद्रित बताया है। दैनिक भास्कर से खास बातचीत में उन्होंने क्षेत्र में 73 करोड़ की लागत से अटल आवासीय विद्यालय, गरीबों के लिए आवास और स्वास्थ्य सहायता जैसी योजनाओं का जिक्र किया। साथ ही उन्होंने कहा कि कोरांव में चीनी मिल खुलने से किसानों को बड़ा लाभ मिलेगा और युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा होंगे। गैस की किल्लत के मुद्दे पर उन्होंने विपक्ष पर अफवाह फैलाने का आरोप लगाया। पढ़िए सवाल-जवाब में पूरी बातचीत… सवाल: पिछले 4 साल के अपने कामकाज को 10 में से कितने नंबर देंगे?
जवाब: अब यह तो लोगों को मूल्यांकन करना है। जो हमारे काम और उपलब्धियों की जांच करेगा, वही नंबर देगा। मेरी इच्छा तो है कि मैं 100 प्रतिशत पा जाऊं, लेकिन जितना मेरा मूल्यांकन होगा, उतने नंबर मिलने पर मैं संतुष्ट रहूंगा। सवाल: सबसे बड़ा काम आपने कौन सा कराया?
जवाब: काम दो प्रमुख क्षेत्रों में हुआ है। एक तो शिक्षा के क्षेत्र में बहुत काम किया। जैसा कहा गया है कि ‘शिक्षा सम नास्ति चक्षु’, उसी सोच के तहत मैंने श्रमिक भाइयों के बच्चों के लिए कक्षा 6 से 12 तक पढ़ाई की व्यवस्था कराई। अटल आवासीय योजना के तहत कोरांव विधानसभा में 73 करोड़ रुपए की लागत से विद्यालय की स्थापना कराई गई, जहां श्रमिक परिवारों के बच्चे पढ़ाई कर रहे हैं। कोरांव विधानसभा कोल बाहुल्य इलाका है। यहां गरीब जनता के लिए मुख्यमंत्री से आग्रह कर आवास योजना के तहत मदद दिलाई गई। अब जनता की सोच है कि तीसरी बार भी भारतीय जनता पार्टी की सरकार बने। सवाल: ऐसा कौन सा काम है जिसे आप नहीं करा पाए?
जवाब: मैंने मुख्यमंत्री के सामने प्रस्ताव रखा है और विधानसभा सत्र में भी यह मुद्दा उठाया है कि यहां बेरोजगारी ज्यादा है। हमारे किसान केवल धान और गेहूं तक सीमित हैं। ऐसी स्थिति में मैंने यहां एक गन्ना मिल (चीनी मिल) की मांग की है। मैं प्रयासरत हूं कि आने वाले समय में यहां चीनी मिल की स्थापना हो जाए। इससे किसानों को उद्योग से जोड़ने का काम होगा। इसके अलावा बेलन नदी पर बड़ा पुल बनवाने का प्रस्ताव भी दिया है और उम्मीद है कि इसमें भी जल्द सफलता मिलेगी। सवाल: इस बार क्या फिर आप टिकट के दावेदार हैं?
जवाब: दावेदारी तो हमेशा होती है, लेकिन मैं खुद को प्रबल दावेदार मानता हूं। निर्णय लेना शीर्ष नेतृत्व का काम है। मैंने पार्टी और सरकार की योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने का काम किया है। इसलिए मैं चाहूंगा कि शीर्ष नेतृत्व मुझे फिर से टिकट दे, ताकि मैं तीसरी बार जीतकर विधानसभा पहुंच सकूं। सवाल: तो क्या आपको इस बार टिकट मिलेगी?
जवाब: मैं शहर में नहीं रहता हूं। लखनऊ तभी जाता हूं जब कोई जरूरी कार्यक्रम होता है। मेरी कोशिश रहती है कि जनता ने जो अमूल्य मत दिया है, उसके सम्मान में मैं उनके बीच बना रहूं। सुबह से कार्यालय में बैठता हूं। जनता जो भी काम लेकर आती है, उसी में लग जाता हूं। लोगों के सुख-दुख, गमी और खुशी के अवसरों पर भी पहुंचता हूं। इसलिए जनता चाहती है कि ऐसा नेता उनके बीच बना रहे। सवाल: गैस की किल्लत पर विपक्ष सरकार को घेर रहा है, आप क्या कहेंगे?
जवाब: विपक्ष के पास कोई मुद्दा नहीं है। यह पूरी तरह मुद्दाविहीन हो चुका है। सरकार को नीचा दिखाने के लिए झूठे आरोप जनता के बीच ले जाए जा रहे हैं। जनता खुशहाल है। लोगों को गैस सिलेंडर मिल रहा है। विपक्ष के नेता केवल अफवाह फैला रहे हैं। प्रदेश के मुखिया योगी आदित्यनाथ हैं, तो निश्चित तौर पर हर समस्या का समाधान होगा। गैस की कोई किल्लत नहीं है, गैस सबको मिल रही है। सवाल: शिक्षा और स्वास्थ्य को लेकर क्षेत्र में क्या किया?
जवाब: गरीब परिवार के लोग जो इलाज नहीं करा पा रहे थे, उनके लिए मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष से इलाज के लिए धनराशि दिलवाई गई। एक आदिवासी बिरादरी के लड़के को गंभीर बीमारी थी। सरकार को पत्र लिखकर 9 लाख रुपये का एस्टीमेट बनवाया गया। 12 दिन के अंदर अस्पताल में पैसा पहुंच गया और वह मरीज आज स्वस्थ होकर धन्यवाद दे रहा है।

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