वृंदावन में यमुना नदी को स्वच्छ और सुव्यवस्थित बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल शुरू होने जा रही है। देवरहा बाबा घाट से केसी घाट तक यमुना के जल को निखारना , जल मार्ग विकसित करना और यमुना के दोनों किनारो पर जियोलॉजिकल मैपिंग कर योजना बनाना शामिल है। UPBTVP के सभागार में हुई मीटिंग उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद सभागार में परिषद के उपाध्यक्ष शैलजाकांत मिश्र की अध्यक्षता में बैठक आयोजित हुई। बैठक में ग्लोबल विकास ट्रस्ट के संस्थापक मयंक गांधी ने जल की गुणवत्ता सुधारने के लिए आवश्यक वैज्ञानिक आंकड़े एकत्रित करने की योजना प्रस्तुत की। इसमें यमुना की वर्तमान स्थिति, सिल्ट हटाने, जल प्रवाह को बेहतर बनाने और प्रदूषण नियंत्रण के वैज्ञानिक उपायों पर विस्तार से चर्चा की गई। चयनित क्षेत्र का किया जाएगा वैज्ञानिक अध्ययन परिषद के उपाध्यक्ष शैलजाकान्त मिश्र ने प्रथम चरण में केसी घाट से देवराह बाबा घाट तक ट्रायल प्रोजेक्ट के रूप में कार्य शुरू करने को कहा। तय किया गया कि चयनित क्षेत्र में पहले वैज्ञानिक अध्ययन कराया जाएगा, जिसके आधार पर कार्ययोजना लागू की जाएगी। जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह ने संबंधित विभागों को आवश्यक सहयोग और समन्वय के निर्देश दिए। यह रहे मौजूद बैठक में मथुरा-वृंदावन विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष लक्ष्मी एन, मुख्य विकास अधिकारी पूजा गुप्ता, रविंद्र चामड़िया, उप निदेशक कृषि, उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद के एसीईओ मदन चंद दुबे, पर्यावरण विशेषज्ञ मुकेश शर्मा, डिप्टी सीईओ सतीश चंद्र, जिला कृषि अधिकारी, जिला उद्यान अधिकारी, मुख्य अभियंता जलकल तथा सिंचाई विभाग के अभियंता उपस्थित रहे। राल गौशाला में विकसित होगा जैविक मॉडल उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद सभागार में बैठक के दौरान गोवंश आधारित जैविक मॉडल पर भी चर्चा हुई। गोमूत्र और गोबर को वैज्ञानिक तरीके से कृषि, वानिकी और ऑर्गेनिक खेती में अधिक उपयोगी बनाने की योजना पर सहमति बनी। इसके लिए राल स्थित देवराह बाबा गौशाला में एक मॉडल विकसित किया जाएगा। यह कार्य भी ग्लोवल विकास ट्रस्ट द्वारा किया जाएगा। इस मॉडल को बाद में जिले की अन्य गौशालाओं में भी लागू किया जाएगा। साथ ही, 50 किसानों को प्रशिक्षण के लिए मई माह में अहमदाबाद स्थित ट्रस्ट मुख्यालय भेजा जाएगा।

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