चित्रकूट जिले में अवैध खनन और उसके परिवहन का एक बड़ा मामला सामने आया है। खनिज विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम ने भरतकूप क्षेत्र में छापेमारी कर फर्जी सरकारी दस्तावेजों के माध्यम से राजस्व चोरी के इस खेल का पर्दाफाश किया है। इस दौरान 25 फर्जी रवन्ना बरामद किए गए और एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है। यह अवैध नेटवर्क भरतकूप के बांदा से सटे मार्ग पर स्थित भारत पेट्रोल पंप के पास एक दुकान से संचालित हो रहा था। खनिज इंस्पेक्टर मंटू सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम मौके पर पहुंची। टीम को देखकर दुकान संचालक दरवाजा बंद कर फरार हो गया। पुलिस ने दरवाजा खोलकर तलाशी ली और भरथौल निवासी योगेंद्र कुमार पुत्र उमाशंकर को गिरफ्तार कर लिया। मौके से एक लैपटॉप, प्रिंटर और अन्य उपकरणों के साथ बड़ी संख्या में फर्जी दस्तावेज भी बरामद किए गए। जांच में 25 ईएमएम-11-ई फॉर्म-सी बरामद हुए। ये रवन्ना बांदा जिले के नरैनी क्षेत्र के पट्टाधारक अनूप सिंह के नाम पर जारी थे, लेकिन इनका उपयोग चित्रकूट में अवैध खनन सामग्री के परिवहन के लिए किया जा रहा था। आरोप है कि इन दस्तावेजों की कंप्यूटराइज्ड फोटोकॉपी बनाकर इस्तेमाल किया जा रहा था। गिरफ्तार योगेंद्र कुमार ने पूछताछ में बताया कि वह यह काम भरतकूप निवासी सुरेश सिंह और उचित नारायण के साथ मिलकर करता था। पुलिस के अनुसार, यह अवैध कारोबार काफी समय से चल रहा था, जिससे सरकार को लाखों रुपये के राजस्व का नुकसान हुआ है। खनिज इंस्पेक्टर मंटू सिंह ने जानकारी दी कि मामले की पुष्टि के लिए बांदा खनिज विभाग से भी संपर्क किया जा रहा है। बरामद सभी सामग्री पुलिस को सौंप दी गई है। थाना प्रभारी उपेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि तीनों आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है और फरार आरोपियों की तलाश जारी है।

Leave a Reply