काशी हिंदू विश्वविद्यालय में आज एबीवीपी द्वारा नई कार्यकारिणी गठन के लिए कार्यक्रम आयोजित किया गया था। कार्यक्रम में नया दायित्व भी दिया गया। लेकिन इस बीच कुछ सक्रिय कार्यकर्ताओं ने विरोध कर दिया। उनका कहना है कि साल भर जिन छात्रों ने संगठन के लिए काम किया। उनको नजरअंदाज कर दिया गया है। इस बात पर कार्यक्रम के बीच कुछ छात्रों ने बहस की। हालांकि इस मामले में संगठन का कहना है कि घर के अंदर की बात है। समझा कर मामला सुलझा लिया गया। बैठक में क्या हुआ?
DSW के कार्यालय में हुई इस बैठक में ABVP से जुड़े कई प्रमुख छात्र नेता और कार्यकर्ता मौजूद थे। बैठक का मुख्य एजेंडा नई कार्यकारिणी की घोषणा और संगठनात्मक ढांचे को लेकर चर्चा करना था। लेकिन यह चर्चा जल्द ही तीखी बहस में बदल गई। मौके पर मौजूद अन्य सदस्यों को बीच-बचाव करना पड़ा फिर मामला शांत हो गया। अब जानिए किसी दी गई जिम्मेदारी
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद द्वारा दो महत्वपूर्ण पदों की घोषणा की गई। जिसमें पल्लव को अध्यक्ष और अनुराग को इकाई मंत्री घोषित किया गया। पल्लव काफी दिनों से काशी हिंदू विश्वविद्यालय में एबीवीपी के विभिन्न पदों पर रहे हैं। साथी उन्होंने संगठन को मजबूत करने के लिए बहुत से कार्यों को भी किया है उन्होंने कहा नई जिम्मेदारी मिली है। इसका पालन करेंगे और छात्र-छात्राओं की समस्या के समाधान के लिए प्रशासन से वार्तालाप कर उसका समाधान करने का भी प्रयास किया जाएगा। इकाई मंत्री अनुराग तिवारी ने कहा – विद्यार्थी परिषद में प्रत्येक कार्यकर्ता समाज में सकारात्मक भूमिका निभाने के लिए कार्य करता है। आने वाले सत्र में काशी हिन्दू विश्वविद्यालय में छात्रहितों के लिए विद्यार्थी परिषद सदैव ही कार्य करेगी। आवश्यकता पड़ने पर आंदोलन के साथ ही हर माध्यम से विश्वविद्यालय में सकारात्मक कार्य करने एवं विद्यार्थियों को राष्ट्रहित में योगदान देने हेतु प्रेरित किया जाएगा।

Leave a Reply