कानपुर पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की टीम ने बड़े किडनी ट्रांसप्लांट के रैकेट का खुलासा किया है। देश के अलग-अलग राज्यों से युवकों को जाल में फंसाकर किड़नी का सौदा किया जाता था, इसके बाद कल्याणपुर के अस्पतालों में लखनऊ और दिल्ली के डॉक्टर किडनी निकालने और ट्रांसप्लांट का खेल करते थे। उत्तराखंड का एक युवक आईसीयू में एडमिट मिला है। उसे 60 लाख रुपए किडनी का सौदा करके लाया गया था और महज 9.50 लाख रुपए दिया गया तो विवाद हुआ और पूरे सिंडीकेट का खुलासा हुआ है। पुलिस की टीमें स्वास्थ्य विभाग के अफसरों के साथ कई अस्पतालों में छापेमारी करके किडनी ट्रांसप्लांट में जुड़े पूरे रैकेट का खुलासा करने में जुटी है। पुलिस कमिश्नर की मानें तो ऑपरेशन पूरा होते ही किडनी ट्रांसप्लांट सिंडीकेट का खुलासा करेंगे। उत्तराखंड, बिहार,नेपाल, बंगाल से जुड़े किडनी रैकेट के तार पुलिस सूत्रों की मानें तो रावतपुर थाना क्षेत्र में बने आहूजा हॉस्पिटल में उत्तराखंड के रहने वाले आयुष ने अपनी किडनी 60 लाख रूपये दूसरे मरीज को बेंच दी। कल्याणपुर के आवास विकास तीन में बने एक आपर्टमेंट में शिवम अग्रवाल उर्फ़ शिवम काड़े ने उसे पैसो का लालच देकर उसे उत्तराखंड से कानपुर बुलावाया और एक मरीज को अपनी किडनी बेचने को कहा बदले में शिवम ने आयुष को अच्छी रकम दिलाने का वादा किया। दोनों का रावतपुर के नामी अस्पताल में किडनी ट्रांसप्लांट हुआ। किडनी डोनेट करने वाले को महज 9.50 लाख दिए गए तो विवाद हो गया। पुलिस और स्वास्थ्य विभाग को यह जानकारी होने के बाद टीमें बनाकर छापेमारी की तो कल्याणपुर के ही एक निजी अस्पताल के आईसीयू में एडमिट मिला। 24 घंटे तक दोनों को आहूजा नाम के हॉस्पिटल में रखा गया, इसके बाद डोनर आयुष को वहां से हटाकर कल्याणपुर आवास विकास तीन में बने मेड लाइफ हॉस्पिटल में भर्ती करा दिया। डोनर और किडनी लेने वाले दोनों अस्पताल में एडमिट मिले डॉक्टरों की टीम की पूछताछ में कई अहम इनपुट सामने आए। इसके बाद पुलिस ने ताबड़तोड़ आधा दर्जन से ज्यादा अस्पतालों में छापेमारी की और तीन अस्पताल संचालकों को हिरासत में लिया है। मामला तूल पकड़ता देख आहूजा हॉस्पिटल के संचालक ने कल्याणपुर के प्रिया हॉस्पिटल में किडनी लेने वाले मरीज को भर्ती करा दिया। पूछताछ में मामला खुला तो पुलिस की टीम रविवार देर शाम को प्रिया सरोज हॉस्पिटल पहुंची। जहां से पुलिस टीम परिजनों से पूछताछ कर रही है। पुलिस की टीमें डोनर और किडनी लेने वाले दोनों मरीजों तक पहुंच गई है। टीम में शामिल अफसरों की मानें तो कानपुर में किडनी ट्रांसप्लांट से संबंधित कई अहम इनपुट मिले हैं। टीमें लगातार छापेमारी और जांच-पड़ताल कर रही हैं। जल्द ही पूरे सिंडीकेट का खुलासा करके आरोपियों को जेल भेजा जाएगा। तीन हॉस्पिटल संचालकों से चल रही पूछताछ टीम ने कल्याणपुर के मेड लाइफ हॉस्पिटल, रावतपुर स्थित आहूजा हॉस्पिटल और पनकी रोड के प्रिया हॉस्पिटल में ताबड़तोड़ छापेमारी की। जांच के दौरान चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं । पुलिस ने आहूजा हॉस्पिटल की मालकिन डॉ. प्रीति आहूजा, उनके पति डॉ सुरजीत सिंह आहूजा और एक सक्रिय दलाल शिवम अग्रवाल उर्फ ‘काना’ को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है। लखनऊ, दिल्ली और मुंबई से आते थे डॉक्टर पुलिस की प्राथमिक जांच में सामने आया है कि लखनऊ, मुंबई और दिल्ली से स्पेशलिस्ट किडनी ट्रांसप्लांट के लिए बुलाए जाते थे। ट्रांसप्लांट के लिए एक मल्टी-डिसिप्लिनरी टीम, अनुभवी नेफ्रोलॉजिस्ट, ट्रांसप्लांट सर्जन, जो यूरोलॉजी और ग्राफ्टिंग के एक्सपर्ट बुलाए जाते थे। इसके साथ ही अनुभवी एनेस्थेटिस्ट, डाइटिशियन और मनोवैज्ञानिक सहायता टीम का पूरा सेटअप था, जो किडनी ट्रांसप्लांट करती थी।

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