गोरखपुर में बिजली व्यवस्था को पारदर्शी, आधुनिक और उपभोक्ता के नियंत्रण में लाने के उद्देश्य से स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगाए जा रहे हैं। आरडीएसएस योजना के तहत अब तक 2 लाख 10 हजार 263 स्मार्ट मीटर स्थापित किए जा चुके हैं। इस नई व्यवस्था से उपभोक्ता अपनी बिजली खपत की जानकारी रीयल-टाइम में देख सकेंगे और खर्च को खुद नियंत्रित कर पाएंगे। स्मार्ट प्रीपेड मीटर एक डिजिटल प्रणाली है, जिसमें उपभोक्ता पहले रिचार्ज कर बिजली का उपयोग करते हैं। इससे बकाया बिल और गलत बिलिंग की समस्या खत्म होगी। उपभोक्ता जितनी बिजली इस्तेमाल करेंगे, उतना ही भुगतान करेंगे। नियमानुसार अब सभी नए कनेक्शन इसी मीटर से दिए जाएंगे और पुराने मीटरों को भी चरणबद्ध तरीके से बदला जा रहा है। मोबाइल पर मिलेगी पूरी जानकारी
उपभोक्ता UPPCL स्मार्ट ऐप के माध्यम से प्रति घंटे, दैनिक और मासिक बिजली खपत की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। इसके अलावा कम बैलेंस, रिचार्ज और उपयोग से संबंधित अलर्ट SMS और व्हाट्सऐप के जरिए मिलते रहेंगे, जिससे उपभोक्ता समय रहते रिचार्ज कर सकें। प्रीपेड रिचार्ज पर 2 प्रतिशत की छूट दी जा रही है। उपभोक्ता UPI, Paytm, GPay, UPPCL स्मार्ट ऐप, विभागीय काउंटर, जनसुविधा केंद्र और विद्युत सखी के माध्यम से आसानी से रिचार्ज कर सकते हैं। बैलेंस खत्म होने पर भी मिलेगा समय
यदि बैलेंस समाप्त हो जाता है तो उपभोक्ताओं को तुरंत कनेक्शन नहीं काटा जाएगा। उन्हें 3 दिन का अतिरिक्त ग्रेस पीरियड दिया जाएगा। इस अवधि में रिचार्ज करने पर बिजली चालू रहेगी। रिचार्ज करने के बाद 2 घंटे के भीतर स्वतः आपूर्ति बहाल हो जाएगी, इसके लिए कार्यालय जाने की जरूरत नहीं होगी। रात, रविवार और छुट्टियों में नहीं कटेगी बिजली
उपभोक्ताओं को राहत देते हुए प्रावधान किया गया है कि शाम 6 बजे से सुबह 8 बजे तक, रविवार और राजपत्रित अवकाश के दिन बिजली आपूर्ति नहीं काटी जाएगी। इससे उपभोक्ताओं को असुविधा से बचाया जा सकेगा। स्मार्ट मीटर में ग्रेस पीरियड, इमरजेंसी क्रेडिट और नो-डिस्कनेक्शन जोन जैसी सुविधाएं दी जा रही हैं। साथ ही उपभोक्ताओं द्वारा पहले जमा की गई सुरक्षा धनराशि को समायोजित कर उनके प्रीपेड बैलेंस में जोड़ा जाएगा। सोलर सिस्टम के लिए भी उपयोगी
यह मीटर भविष्य में सोलर सिस्टम के साथ भी उपयोग किया जा सकेगा। साथ ही उपभोक्ताओं का डेटा पूरी तरह सुरक्षित रहेगा और इसे सरकारी मानकों के अनुसार संरक्षित किया जाएगा। RDSS योजना के तहत मौजूदा उपभोक्ताओं के लिए स्मार्ट मीटर की स्थापना पूरी तरह निःशुल्क की जा रही है, जिससे उन पर कोई अतिरिक्त आर्थिक भार नहीं पड़ेगा। डिजिटल बिलिंग लागू होने से कागजी बिल की आवश्यकता भी समाप्त हो जाएगी और सभी जानकारी मोबाइल पर उपलब्ध होगी।

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