प्रतापगढ़ के रानीगंज क्षेत्र के भैसौना गांव निवासी अमित सिंह ने यूपी पीसीएस 2024 परीक्षा में 152वीं रैंक हासिल कर असिस्टेंट कमिश्नर (वाणिज्य कर) पद प्राप्त किया है। सीमित संसाधनों में पले-बढ़े अमित की इस सफलता ने न केवल उनके परिवार बल्कि पूरे जिले का नाम रोशन कर दिया है। अमित सिंह के पिता विनय सिंह प्रयागराज से मध्य प्रदेश रूट पर प्राइवेट बस में परिचालक (कंडक्टर) हैं। उनकी माता निशा सिंह का निधन हो चुका है। परिवार में दो भाई मयंक और अमित और एक बहन शालिनी हैं। आर्थिक तंगी के बावजूद पिता ने बेटे की पढ़ाई में कोई कमी नहीं आने दी। अमित ने भी अपनी मेहनत और लगन से इस भरोसे को कायम रखा। अमित के पिता विनय सिंह प्रयागराज से मध्य प्रदेश रूट पर प्राइवेट बस में परिचालक हैं और करीब 10,000 रुपये मासिक आय से परिवार का भरण-पोषण करते हैं। उनकी माता निशा सिंह का निधन हो चुका है। परिवार में दो बेटे मयंक और अमित और एक बेटी शालिनी हैं। आर्थिक चुनौतियों के बावजूद विनय सिंह ने अपने बेटे की पढ़ाई में कोई कमी नहीं आने दी, जिसका परिणाम आज सबके सामने है। शिक्षा में लगातार उत्कृष्ट प्रदर्शन अमित सिंह बचपन से ही मेधावी छात्र रहे हैं। उन्होंने कक्षा 8 तक की पढ़ाई मामा के घर रहकर की। इसके बाद हाई स्कूल और इंटरमीडिएट की शिक्षा प्रयागराज से पूरी की और इलाहाबाद विश्वविद्यालय से बीएससी की डिग्री हासिल की। स्नातक के बाद उन्होंने पूरी तरह से पीसीएस की तैयारी में खुद को समर्पित कर दिया और कड़ी मेहनत के दम पर यह मुकाम हासिल किया। पिता के त्याग का मिला फल अमित की सफलता के पीछे उनके पिता का संघर्ष और त्याग साफ दिखाई देता है। परिणाम आने के बाद विनय सिंह की आंखें खुशी से भर आईं। परिवार और गांव में जश्न का माहौल है और लोग मिठाई खिलाकर बधाई दे रहे हैं। युवाओं के लिए प्रेरणादायक संदेश दैनिक भास्कर से बातचीत में अमित सिंह ने कहा, मेहनत ही सफलता का मूल मंत्र है। मेरी तैयारी अभी रुकी नहीं है, मैं यूपीएससी की तैयारी भी कर रहा हूं। सभी अभ्यर्थी लगातार मेहनत करते रहें। पढ़ाई में हमेशा रहे अव्वल अमित सिंह बचपन से ही मेधावी छात्र रहे हैं। उन्होंने कक्षा 8 तक की पढ़ाई मामा के घर रहकर पूरी की। इसके बाद हाई स्कूल और इंटरमीडिएट की शिक्षा प्रयागराज से हासिल की और फिर इलाहाबाद विश्वविद्यालय से बीएससी की डिग्री प्राप्त की। बीएससी के बाद उन्होंने पूरी तरह से पीसीएस परीक्षा की तैयारी में खुद को झोंक दिया और आखिरकार सफलता हासिल की। क्षेत्र में जश्न का माहौल अमित की सफलता की खबर मिलते ही गांव और क्षेत्र में खुशी की लहर दौड़ गई। रानीगंज के अधिवक्ताओं ने उनका सम्मान समारोह आयोजित कर फूल-मालाओं से स्वागत किया और मिठाई खिलाकर बधाई दी। अमित सिंह की यह उपलब्धि उन हजारों युवाओं के लिए प्रेरणा है, जो सीमित संसाधनों के बावजूद बड़े सपने देखने और उन्हें पूरा करने का साहस रखते हैं।

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