उत्तर प्रदेश में रक्त केंद्रों की जांच के दौरान बड़ा एक्शन लिया गया है। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन ने लखनऊ में 7 और कानपुर के 11 ब्लड सेंटरों में अनियमितताएं पाए जाने पर उनके रक्त संचालन से जुड़े सभी कार्यों पर तत्काल रोक लगा दी है। सीएम योगी के निर्देश के बाद टैक्स विभाग की तरफ से अभियान चलाया गया था।
38 केंद्रों की जांच, 11 में मिली खामियां
बदलते मौसम और संक्रामक बीमारियों के खतरे को देखते हुए प्रदेश सरकार के निर्देश पर विशेष जांच अभियान चलाया गया। इस दौरान लखनऊ के 25 और कानपुर के 13 समेत कुल 38 ब्लड सेंटरों की जांच की गई।
जांच में 11 केंद्रों पर रक्त संचालन से जुड़ी गंभीर अनियमितताएं सामने आईं, जिसके बाद विभाग ने सख्त कार्रवाई करते हुए तत्काल प्रभाव से उनके संचालन पर रोक लगा दी।
लखनऊ के इन केंद्रों पर गिरी गाज
जांच में लखनऊ के नोबेल चैरिटेबल ब्लड सेंटर, श्री साई ब्लड बैंक एंड कंपोनेंट सेंटर, अवध चैरिटेबल ब्लड बैंक, लिटिल स्टार चैरिटेबल ब्लड सेंटर, KHS चैरिटेबल ब्लड, बॉम्बे चैरिटेबल ब्लड सेंटर और लखनऊ चैरिटेबल ब्लड एंड कंपोनेंट सेंटर समेत कई संस्थानों में खामियां मिलीं।
इन सभी केंद्रों के रक्त संचालन से जुड़े कार्यों को तत्काल प्रभाव से रोक दिया गया है।
कानपुर के 4 ब्लड सेंटर भी बंद
कानपुर में वादा चैरिटेबल ब्लड सेंटर, मयांजलि चैरिटेबल ब्लड बैंक, पुष्पांजलि ब्लड एंड कंपोनेंट सेंटर और स्वास्तिक चैरिटेबल ब्लड सेंटर में भी अनियमितताएं पाई गईं।
इन केंद्रों के संचालन पर भी तत्काल रोक लगाई गई है।
अन्य केंद्रों को नोटिस, सुधार के निर्देश
जिन केंद्रों में कमियां पाई गईं लेकिन गंभीर स्थिति नहीं थी, उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किया जा रहा है। विभाग ने स्थानीय औषधि निरीक्षकों को निर्देश दिया है कि वे इन केंद्रों में सुधार सुनिश्चित कराएं।
सुरक्षित रक्त आपूर्ति पर सरकार का फोकस
FSDA का कहना है कि किसी भी हाल में नागरिकों की सेहत से समझौता नहीं किया जाएगा। आने वाले समय में भी ऐसे निरीक्षण अभियान जारी रहेंगे, ताकि प्रदेश में ब्लड बैंकों की गुणवत्ता और पारदर्शिता बनी रहे।

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