बरेली पुलिस की साइबर क्राइम टीम ने फर्जी बेटिंग और गेमिंग ऐप्स के माध्यम से देशभर में लाखों रुपये की ठगी करने वाले दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इस गिरोह का मुख्य सरगना अभी फरार है, जिसकी तलाश जारी है। पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि आरोपी एक किराए के मकान से कॉल सेंटर चला रहे थे। वे विभिन्न राज्यों के लोगों को कॉल करके “महादेव”, “महाकाल” और “SRS पटेल” जैसे फर्जी गेमिंग प्लेटफॉर्म पर निवेश करने के लिए प्रेरित करते थे। गिरोह ने कुछ युवतियों को भी नौकरी पर रखा था, जो लोगों को कॉल कर अधिक मुनाफे का लालच देती थीं। जब कोई व्यक्ति उनके झांसे में आ जाता, तो उसकी आईडी बनाकर उसे क्यूआर कोड और लिंक के माध्यम से पैसे ट्रांसफर करने को कहा जाता था। ठगी का तरीका यह था कि वे फर्जी ऐप/वेबसाइट का लिंक भेजते, क्यूआर कोड से रकम ट्रांसफर करवाते, शुरुआत में छोटे मुनाफे दिखाकर भरोसा जीतते और फिर बड़ी रकम निवेश होते ही अकाउंट ब्लॉक कर देते थे। वे “गेम हारने” का बहाना बनाकर पैसा हड़प लेते थे। तकनीकी विश्लेषण और एनसीआरपी पोर्टल पर प्राप्त शिकायतों के आधार पर पुलिस ने आशुतोष सिटी कॉलोनी में छापेमारी की। मौके से सूर्या भान पटेल (39 वर्ष) और विनीत (21 वर्ष) नामक दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया, जबकि गिरोह का सरगना शिवम कुमार फरार होने में सफल रहा। पुलिस ने आरोपियों के पास से साइबर अपराध में इस्तेमाल होने वाले उपकरण बरामद किए हैं। इनमें मोबाइल फोन, वाईफाई राउटर, क्यूआर डिवाइस, डेबिट कार्ड, चेकबुक, पासबुक, सिम कार्ड और 50 से अधिक बैंक खातों का विवरण शामिल है। जांच में यह भी सामने आया है कि इस गिरोह के खिलाफ नेशनल क्राइम रिकॉर्ड्स ब्यूरो (एनसीआरबी) पोर्टल पर 15 से अधिक शिकायतें पहले से दर्ज थीं। यह गिरोह केरल, कर्नाटक, तमिलनाडु, तेलंगाना, दिल्ली और महाराष्ट्र सहित कई राज्यों में सक्रिय था। पुलिस के अनुसार, मुख्य आरोपी शिवम वर्ष 2022 से इस साइबर ठगी नेटवर्क का संचालन कर रहा था। एसपी क्राइम मनीष चंद सोनकर ने बताया कि प्रतिबिंब पोर्टल और तकनीकी विश्लेषण के माध्यम से मोबाइल नंबरों का हॉटस्पॉट तैयार कर आरोपियों तक पहुंचा गया। आगे की जांच में और बड़े खुलासे होने की संभावना है।

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