मैनपुरी कलेक्ट्रेट सभागार में जनपद स्तरीय आंगनबाड़ी सशक्तिकरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान नव-नियुक्त आंगनबाड़ी सहायिकाओं को नियुक्ति पत्र तथा आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को स्मार्टफोन वितरित किए गए। जिलाधिकारी अंजनी कुमार सिंह, मुख्य विकास अधिकारी नेहा बंधु और जिलाध्यक्ष ममता राजपूत सहित अन्य जनप्रतिनिधियों ने कार्यक्रम में भाग लिया। कुल 349 चयनित सहायिकाओं में से 50 को नियुक्ति पत्र सौंपे गए, जबकि 20 आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को स्मार्टफोन प्रदान किए गए। इसी के साथ बेवर और बरनाहल के बाल विकास परियोजना अधिकारी कार्यालय भवनों तथा 9 आंगनबाड़ी केंद्रों का भी लोकार्पण किया गया। कुपोषित बच्चों की देखभाल करने का आह्वान जिलाधिकारी अंजनी कुमार सिंह ने बताया कि आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों और सहायिकाओं पर गर्भवती महिलाओं से लेकर 6 साल तक के बच्चों की देखभाल और प्रारंभिक शिक्षा की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि इन नई नियुक्तियों से आंगनबाड़ी सेवाओं को और अधिक गति मिलेगी। जिलाधिकारी ने नव-नियुक्त सहायिकाओं से जमीनी स्तर पर गर्भवती, धात्री महिलाओं और कुपोषित बच्चों की देखभाल निष्ठापूर्वक करने का आह्वान किया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि बच्चों और महिलाओं का बेहतर स्वास्थ्य ही देश के मजबूत भविष्य की नींव है। इसके अतिरिक्त, गर्भवती महिलाओं को नियमित जांच, आयरन टैबलेट के सेवन और पोषक आहार के महत्व के प्रति जागरूक करने पर भी बल दिया गया। महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्रयासरत जिलाध्यक्ष ममता राजपूत ने कहा कि सरकार महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने बताया कि स्मार्टफोन के वितरण से आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां तकनीक से जुड़कर विभिन्न सरकारी योजनाओं को अधिक प्रभावी ढंग से लागू कर सकेंगी। मुख्य विकास अधिकारी नेहा बंधु ने कहा कि आंगनबाड़ी केंद्रों पर पंजीकृत सभी लाभार्थियों तक स्वास्थ्य और शिक्षा संबंधी योजनाओं का लाभ पहुंचाना प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कुपोषण उन्मूलन में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की भूमिका को अत्यंत महत्वपूर्ण बताया।

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