झांसी में बिजली व्यवस्था को लेकर लोगों की नाराजगी एक बार फिर खुलकर सामने आई। बुंदेलखंड विश्वविद्यालय के ऑडिटोरियम में उत्तर प्रदेश विद्युत नियामक आयोग की जनसुनवाई आयोजित की गई, जहां बड़ी संख्या में उपभोक्ता अपनी शिकायतें और सुझाव लेकर पहुंचे। हालांकि, कार्यक्रम स्थल दूर होने के कारण कई लोग समय पर नहीं पहुंच सके, जिससे उनकी समस्याएं दर्ज नहीं हो पाईं। दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड द्वारा आयोजित इस जनसुनवाई में सबसे ज्यादा मुद्दा स्मार्ट मीटर का उठा। उपभोक्ताओं ने अधिकारियों के सामने बताया कि स्मार्ट मीटर के चलते बिलिंग में भारी गड़बड़ी हो रही है और उन्हें अनाप-शनाप बिल थमाए जा रहे हैं।
बड़ा बाजार के कारोबारी राजू ने बताया कि फरवरी में उनके स्मार्ट मीटर से करीब 600 रुपये का बिल आया था, जिसे उन्होंने समय पर जमा भी कर दिया। लेकिन मार्च में अचानक उनका बिल 10 हजार रुपये दिखा दिया गया। उन्होंने सवाल उठाया कि इतनी बड़ी बढ़ोतरी आखिर कैसे हो सकती है।
वहीं, मेडिकल कॉलेज क्षेत्र के करगुवां के लोगों ने बिजली न होने की समस्या उठाई। स्थानीय निवासी राकेश नायक ने बताया कि उनके इलाके में करीब 200 लोग रहते हैं, लेकिन दो साल बाद भी वहां बिजली के खंभे तक नहीं लगाए गए हैं। उन्होंने कहा कि कई बार अधिकारियों से शिकायत करने के बावजूद अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।
जनसुनवाई में सामने आई इन समस्याओं ने साफ कर दिया कि जिले में बिजली व्यवस्था को लेकर अभी भी कई बुनियादी चुनौतियां बनी हुई हैं, जिन पर जल्द समाधान की जरूरत है। ये बोले अधिकारी
दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड के मुख्य अभियंता केपी खान ने बताया कि इस जनसुनवाई का मुख्य उद्देश्य बिजली टैरिफ में प्रस्तावित बदलावों को लेकर उपभोक्ताओं के सुझाव लेना था। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम में आए लोगों की राय को संकलित किया जा रहा है, जिसे आगे की प्रक्रिया में शामिल किया जाएगा।
इसके साथ ही उन्होंने आश्वासन दिया कि उपभोक्ताओं द्वारा उठाई गई अन्य समस्याओं का भी जल्द समाधान किया जाएगा और विभाग स्तर पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

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