मैनपुरी में आशा एवं आशा संगिनी कार्यकर्ताओं ने सोमवार को जिलाधिकारी कार्यालय पर प्रदर्शन किया। वे अपने बकाया मानदेय के भुगतान, स्थायी कर्मचारी का दर्जा और मानदेय वृद्धि की मांग को लेकर कलमबंद हड़ताल पर हैं। सोमवार दोपहर 2 बजे जिले की समस्त आशा एवं आशा संगिनी बहनें जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचीं। उन्होंने बताया कि वे पिछले कई महीनों से अपने बकाया मानदेय का इंतजार कर रही हैं। लगातार सेवा देने के बावजूद भुगतान न होने से उनके जीवन-निर्वाह और पारिवारिक जिम्मेदारियों पर गंभीर असर पड़ रहा है। कार्यकर्ताओं की मुख्य मांगों में सभी आशा एवं आशा संगिनियों का बकाया मानदेय शीघ्र भुगतान करना शामिल है। इसके अतिरिक्त, उन्होंने राज्य कर्मचारी का दर्जा प्रदान करने की मांग की है, ताकि उन्हें अन्य कर्मचारियों के समान अधिकार, सुरक्षा और सुविधाएं मिल सकें। उनकी अन्य मांगों में अन्य राज्यों की तर्ज पर निश्चित मासिक मानदेय निर्धारित करना और कार्य एवं जिम्मेदारी के अनुरूप प्रोत्साहन राशि (इंसेंटिव) में पर्याप्त वृद्धि करना शामिल है। कार्यकर्ताओं ने बताया कि उन्होंने अपनी इन मांगों से प्रशासन को कई बार अवगत कराया है, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। आशा कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी है कि यदि आगामी दिनों में भी उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हुआ, तो आंदोलन और उग्र रूप लेगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन एवं शासन की होगी। प्रदर्शन में रेखा, सुनीता, आशा, उषा, रेखा रानी, रेखा यादव सहित कई आशा कार्यकर्ता मौजूद रहीं। उन्होंने शांति और अनुशासन बनाए रखते हुए अपने अधिकारों की लड़ाई जारी रखने का संकल्प लिया।

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