फर्रुखाबाद में सोमवार को विकास मंच के जिलाध्यक्ष भईयन मिश्रा के नेतृत्व में बड़ी संख्या में अभिभावक कलेक्ट्रेट पहुंचे। उन्होंने प्राइवेट स्कूलों पर फीस और पठन-पाठन सामग्री को लेकर मनमानी करने का आरोप लगाया। अभिभावकों ने कलेक्ट्रेट परिसर में नारेबाजी की और जिलाधिकारी (डीएम) को ज्ञापन सौंपकर कार्रवाई की मांग की। ज्ञापन में बताया गया कि स्कूल संचालक छात्रों और अभिभावकों को 1 अप्रैल से खुलने वाले विद्यालयों के लिए चयनित बुक स्टोर से ही किताबें खरीदने को बाध्य कर रहे हैं। इसके अतिरिक्त, टाई, बेल्ट, ड्रेस, जूते और मोजे जैसी अन्य सामग्री भी निर्धारित दुकानों से ही खरीदने के लिए कहा जा रहा है।
अभिभावकों ने केंद्र सरकार के निर्देशों का हवाला दिया, जिसके अनुसार कोई भी विद्यालय अपने द्वारा निर्धारित स्थान से स्कूल संबंधी कोई भी वस्तु खरीदने के लिए छात्र-छात्राओं को बाध्य नहीं कर सकता। उन्होंने यह भी बताया कि केंद्र सरकार ने निजी विद्यालयों में एनसीईआरटी की पाठ्यपुस्तकें चलाने के सख्त निर्देश दिए हैं। इसके बावजूद, निजी विद्यालय प्राइवेट पब्लिकेशन की पुस्तकें चलवा रहे हैं, जिनकी कीमत हजारों रुपये होती है। अभिभावक मजबूरी में इन्हें खरीदते हैं। ज्ञापन में यह भी आरोप लगाया गया कि प्रत्येक वर्ष निजी विद्यालय प्रवेश (एडमिशन) के नाम पर हजारों रुपये वसूलते हैं, जो कि अवैध है। साथ ही, मासिक फीस का विवरण भी अभिभावकों को नहीं दिया जाता, जिससे अभिभावकों का शोषण हो रहा है। अभिभावकों ने याद दिलाया कि 26 मार्च को भी प्राइवेट स्कूलों की मनमानी रोकने के संबंध में एक ज्ञापन दिया गया था, जिसमें मान्यता रद्द करने की मांग की गई थी। उन्होंने निवेदन किया कि स्कूल संचालकों के खिलाफ जांच कर सख्त कार्रवाई की जाए। ज्ञापन में यह भी चेतावनी दी गई कि यदि कार्रवाई नहीं हुई तो वे अनिश्चितकालीन हड़ताल करने पर बाध्य होंगे।

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