लखनऊ में आयुर्वेद स्टाफ नर्स चयनित अभ्यर्थियों ने सोमवार को विरोध प्रदर्शन किया । नियुक्ति पत्र की मांग को लेकर अभ्यर्थी पहले डिप्टी सीएम बृजेश पाठक के आवास पहुंचे। उसके बाद प्रदर्शनकारियों ने भारतीय जनता पार्टी मुख्यालय का रुख किया। प्रदर्शनकारियों ने बताया कि 2023 में भर्ती निकली थी। जिसके बाद लगातार नौकरी के लिए भटक रहे हैं। चयनित अभ्यर्थियों के मुताबिक, उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPSC) द्वारा जनवरी 2023 में (स्टाफ नर्स आयुर्वेद) की भर्ती निकली। मुख्य परीक्षा 23 फरवरी 2025 को आयोजित की गई। अंतिम परिणाम आयोग द्वारा 4 जुलाई 2025 को अंतिम चयन सूची जारी कर दी गई थी। 15-17 जुलाई 2025 को डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन हुआ। उसके बाद शारीरिक परीक्षण 23 दिसम्बर और 30 दिसम्बर 2025 को मुख्य चिकित्सा अधिकारी के द्वारा किया गया। भर्ती की सभी प्रक्रिया पूरी होने के 8 महीने बाद भी अभी तक नौकरी नहीं मिली। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि लंबे समय से नियुक्ति की प्रतीक्षा कर रहे अभ्यर्थियों को आर्थिक और मानसिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। प्रदेश के आयुष अस्पतालों में स्टाफ नर्सों की कमी के बावजूद इस महत्वपूर्ण भर्ती प्रक्रिया में हो रही देरी जनहित में भी उचित नहीं है। मुख्यमंत्री उपमुख्यमंत्री समेत तमाम अधिकारियों के दफ्तर और आवास के चक्कर काट रहे हैं। मगर कही कोई सुनवाई नहीं हो रही है।

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