उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग ने पीसीएस 2024 का अंतिम परिणाम रविवार को घोषित कर दिया। जिसमे मेरठ के ग्राम ढिंडाला की बेटी देविका ने उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPCS) परीक्षा में सफलता प्राप्त करते हुए वाणिज्यिक कर अधिकारी के पद पर चयनित होकर क्षेत्र का नाम रोशन किया है। देविका के पिता राजीव कुंडु एक किसान है। देविका ने अपनी मेहनत, लगन और समर्पण के दम पर यह मुकाम हासिल किया। खास बात यह है कि UPSC में लगातार तीन असफलताओं के बाद भी उन्होंने हार नहीं मानी और पहली ही कोशिश में UPPCS क्लियर कर लिया। देविका ने बताया कि उन्होंने अपनी तैयारी ग्रेजुएशन के दौरान ही शुरू कर दी थी। उन्होंने कहा की लड़कियों पर जल्दी शादी और अन्य सामाजिक दबाव आने लगते हैं, इसलिए मैंने समय रहते तैयारी शुरू कर दी। देविका ने UPSC के तीन अटेम्प्ट दिए, लेकिन हर बार प्रीलिम्स भी क्लियर नहीं कर पाईं। “लगातार असफलता से आत्मविश्वास टूटने लगा था, लगता था कि शायद मैं इस रेस में हूं ही नहीं,” उन्होंने बताया। इसके बाद उन्होंने अपनी रणनीति बदलते हुए UPPCS पर फोकस किया, जहां उनका यह पहला ही अटेम्प्ट था। तैयारी के शुरुआती दौर में उन्होंने कोरोना काल में ऑनलाइन कोचिंग ली लेकिन बाद में अपनी स्टडी स्टाइल के अनुसार सेल्फ-स्टडी पर ज्यादा ध्यान दिया।
उन्होंने कहा, “कोचिंग का पेस बहुत तेज होता है, इसलिए बाद में मैंने अपनी जरूरत के हिसाब से पढ़ाई शुरू की। UPPCS के लिए देविका ने सीमित समय में स्मार्ट तैयारी की। देविका ने बताया की मैंने घटनाचक्र को पूरी तरह फॉलो किया और बेसिक्स पहले से UPSC की तैयारी में मजबूत हो चुके थे तो ज़्यादा मुश्किल नहीं हुई। देविका के अनुसार सबसे कठिन चुनौती थी लगातार असफलताओं के बीच खुद पर विश्वास बनाए रखना।उन्होंने कहा जब तीन बार प्री भी क्लियर न हो, तो मन टूटता है। लेकिन मेरे माता-पिता ने हमेशा भरोसा दिलाया कि मैं कर सकती हूं। देविका एक शिक्षित परिवार से हैं। पिता खेती से जुड़े हैं और परिवार में पढ़ाई का माहौल रहा है। उन्होंने कहा, “मेरी मां भले ही इंटर पास हैं, लेकिन उनकी समझ और सपोर्ट ने मुझे हमेशा आगे बढ़ाया।” देविका ने डेली रूटीन के बारे में कहा की रोज सुबह पढ़ाई शुरू करती थीं। सुबह दिमाग फ्रेश रहता है, इसलिए न्यूजपेपर से शुरुआत करती थी और फिर दो सब्जेक्ट साथ लेकर चलती थी ताकि बोरियत न हो। देविका का मानना है कि तैयारी के दौरान पूरी तरह कटना जरूरी नहीं, बल्कि संतुलन जरूरी है। साथ ही देविका ने यह भी बताया की अब नौकरी के साथ आगे की परीक्षाओं की तैयारी भी जारी रखेंगी। उन्होंने बताया की इस पोस्ट में समय मिलता है, इसलिए अगले UPPCS अटेम्प्ट की भी तैयारी करूंगी। देविका ने युवाओं, खासकर लड़कियों को संदेश देते हुए कहा की अगर अंदर से आवाज आ रही है कि आपको इस फील्ड में जाना है, तो जरूर ट्राई करें। दूसरों के कहने पर नहीं, अपने मन की सुनें।” देविका की इस उपलब्धि से पूरे गांव में खुशी का माहौल है। परिजनों, रिश्तेदारों और ग्रामीणों ने उन्हें बधाई देते हुए उज्ज्वल भविष्य की कामना की। लोगों का कहना है कि देविका की सफलता से गांव की अन्य बेटियों को भी प्रेरणा मिलेगी। ग्रामीणों ने देविका को शुभकामनाएं दीं और कहा कि यह उपलब्धि पूरे क्षेत्र के लिए गर्व का विषय है।

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