देवरिया के कम्पोजिट विद्यालय असना में सोमवार को शिक्षिका विद्या मिश्रा के सेवानिवृत्त होने पर विदाई समारोह का आयोजन किया गया। इस दौरान शिक्षकों, कर्मचारियों और ग्रामीणों ने उनकी सेवाओं को याद करते हुए उन्हें सम्मानपूर्वक विदाई दी। कार्यक्रम में भावुक माहौल देखने को मिला। समारोह को संबोधित करते हुए उत्तर प्रदेश बीटीसी शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष अनिल यादव ने कहा कि शिक्षक कभी सेवानिवृत्त नहीं होते। उन्होंने कहा कि सेवाकाल में शिक्षक बच्चों को शिक्षित करते हैं और सेवानिवृत्ति के बाद अपने अनुभवों से समाज को नई दिशा देते हैं। उन्होंने शिक्षकों को राष्ट्र का प्रहरी और समाज का दर्पण बताते हुए कहा कि भावी पीढ़ी के निर्माण में उनकी भूमिका सबसे महत्वपूर्ण होती है। प्रधानाध्यापक ने कार्यों को बताया प्रेरणादायी विद्यालय के प्रधानाध्यापक शैलेंद्र नाथ चौबे ने शिक्षिका विद्या मिश्रा के कार्यकाल की सराहना की। उन्होंने कहा कि उनके कार्य और व्यवहार अन्य शिक्षकों व छात्रों के लिए प्रेरणा हैं। चौबे ने कहा कि विद्या मिश्रा ने अपने सेवाकाल में केवल पढ़ाई तक खुद को सीमित नहीं रखा, बल्कि छात्रों में संस्कार, अनुशासन और नैतिक मूल्यों के विकास पर भी विशेष ध्यान दिया। भाषण के दौरान भावुक हुईं विद्या मिश्रा अपने संबोधन के दौरान शिक्षिका विद्या मिश्रा भावुक हो गईं। उन्होंने विद्यालय परिवार, सहकर्मियों और छात्रों के साथ बिताए पलों को याद किया और कहा कि यह सफर उनके जीवन की सबसे खूबसूरत यादों में शामिल रहेगा। उन्होंने कहा कि सेवानिवृत्ति नौकरी की एक औपचारिक प्रक्रिया है, लेकिन विद्यालय और छात्रों से उनका रिश्ता हमेशा बना रहेगा। उन्होंने सभी के स्नेह और सहयोग के लिए आभार जताया। गीता पुस्तक, शॉल और स्मृति चिन्ह देकर सम्मान कार्यक्रम के अंत में विद्या मिश्रा को गीता की पुस्तक, स्मृति चिन्ह, शॉल, अंगवस्त्र और बुके भेंट कर सम्मानित किया गया। इसके साथ ही माल्यार्पण कर उन्हें भावभीनी विदाई दी गई। समारोह में मौजूद लोगों ने उनके योगदान को याद करते हुए उनके स्वस्थ, सुखद और सम्मानपूर्ण जीवन की कामना की। ये रहे मौजूद कार्यक्रम की अध्यक्षता राम प्रताप यादव ने की, जबकि संचालन अवनीश कुमार ने किया। इस अवसर पर कुसुम देवी, राकेश मिश्र, रोहन यादव सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।

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